नयी दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने फोन टैपिंग, महंगाई और किसानों के मुद्दे को लेकर हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोबारा एक बजे तक लिए स्थगित कर दी गई जिससे इस सत्र के दूसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं हो सका। आज सुबह भी इन्हीं मुद्दों को लेकर हंगामे के कारण शून्यकाल नहीं हो सका था और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

स्थगन के बाद कार्यवाही शुरु होने पर उप सभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल शुरु करने की कोशिश की लेकिन हंगामा कर रहे सदस्यों ने शोरशराबा जारी रखा। इसी दौरान उप सभापति ने सूचित किया की अभी कुछ देर पहले ही सभी दलों के नेताओं की सभापति के साथ बैठक हुई है जिसमे दोपहर एक बजे कोविड पर चर्चा कराने पर सहमति बनी है। इसलिए सदस्यों को प्रश्नकाल चलने देना चाहिए क्योंकि यह सदस्यों का समय है। इस दौरान भी हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक के स्थगित कर दी।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने लगाए नारे

सुबह सदन की कार्यवाही शुरु होने और आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे जाने के बाद विपक्षी दलों के सदस्यों ने नियम 267 के तहत दिए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव के बारे में सभापति एम वेंकैया नायडू से जानना चाहा। सभापति ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुराेध किया। इसके बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दल के कुछ सदस्य के सदन बीच में आ गए और नारे लगाने लगे।

राज्यसभा सभापति ने सदन संचालन में सभी दलों से की सहयोग देने की अपील

वेंकैया नायडू ने कहा कि कुछ सदस्य सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने का फैसला करके आये है। इसलिए वह सदन कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करते है।