सुपौल : वीरपुर में वर्ष 2008 में कुसहा त्रासदी से पीड़ित किसानों द्वारा खेत में जमा बालू निकालने पर हुई पुलिस कार्यवाई से आज गुस्साए वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू ने थानाध्यक्ष की जम कर क्लास लगाई।इस दौरान मंत्री ने थानाध्यक्ष को सुधर जाऐं,नही तो उन पर थाने में केस कर देने की हिदायत दी।दरअसल वर्ष 2008 की कुशहा त्रासदी में किसानों के खेतों में आमतौर पर 4 से 5 फीट बालू भर गया । जिसके कारण खेती करना संभव ही नहीं हो पा रहा था। सुबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घोषणा की थी कि सरकारी खर्चे पर किसानों के खेतों से बालू हटाया जाएगा और खेतों को खेती के उपयुक्त बनाकर किसानों की मदद की जाएगी। वहीं आज जो किसान अपने खेतों से बालू निकालकर अन्यत्र भेजने का काम कर रहे हैं ,तो उन पर पुलिसिया कार्रवाई हो रही है। जिस पर बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू ने वीरपुर थानेदार की जमकर क्लास लगाई और उन पर थाने में मामला दर्ज करने तक की हिदायत दे डाली। हाल के दिनों बीरपुर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर दिनानाथ मंडल के द्वारा कार्रवाई करते हुए बालू लदे आठ ट्रैक्टर के चालक एवं सहयोगीयों को जेल भेज दिया गया था।जिसकी शिकायत किसानों ने मंत्री नीरज बबलू से की।वीरपुर में मौजूद वन पर्यावरण एवं जलवायु नियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू के समक्ष मोहनपुर,बनैली पट्टी,ब्रम्हपुर,हृदयनगर,सीतापुर से आये किसानों ने बीरपुर थाना अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद मंत्री ने थानाध्यक्ष को तलब कर जमकर खरी-खोटी सुना दी।

रिपोर्ट:–संतोष कुमार,सुपौल