बांदा :-: प्रशासन ने बालू माफिया राजा कॉन्ट्रक्सन को क्लीन चिट दे रक्खी है जिसके चलते वह साड़ी बालू खदान खण्ड संख्या चार में बेपरवाह होकर दबंगई के दम पर एनजीटी के नियमो को ताक पर रखकर भारी पोकलैंड मासिनों से नदियों का कर रहे है दोहन और सरकार को चूना लगाते है। ऐसा पेपरों में प्रकाशित किया गया था। लेकिन आज का हाल यह है।की ओवरलोड बालू भरे ट्रक दिन रात तेज गति से धड़ल्ले से बिना रोक टोक के निकल रहे हैं।

जिससे खपटिहा कला के रास्ते से होकर जाने वाले ओवरलोड ट्रक किसी भी दिन तेज गति और ओवरलोड बालू भरे होने के कारण स्थानीय लोगो और आने जाने वाले बच्चो को मौत की नींद सुला सकते है।पढ़िए भ्रस्टाचार की यह पूरी रिपोर्ट।

बाँदा के खपटिहा कला में चिराग तले अंधेरा फिर भी सरकारी नौकरशाही प्रशासन के नजरो में अपनी छवि बना रहे बांदा के जमना प्रसाद बोस जी की।कुत्ते के आगे हड्डी फेखो और माननीय और सरकारी नौकरशाही के आगे गड्डी फेखो के इस एपिसोड पर बालू माफियाओं की क्लीन रूप रेखा जैसी रास्ता बनी हुई है।खपटिहा कला वाले भईया कहते है हमको ओवरलोड बालू भरे ट्रक देखने का अधिकार नही अधिकार तो सिर्फ उस समय सबका रहता है।जब कहते है भाई साहब और करवाइए इसमें अभी कुछ कम है। किसी साहब को पत्रकारों और स्थानीय लोगों से बात करने की भी फुरसत नही हैं। चाहे माफिया नदी बेच डाले या मजदूरों का चीर हरण कर हवाई फायर। साड़ी में रहने वाली समाजसेवी ऊषा निसाद और हमारे कैमरे की यह तस्वीरें यह तफ्तीश करती है कि साड़ी खदान खंड चार और नवनियुक्त खण्ड संख्या दो में राजा कॉन्ट्रक्सन का अधिपत्य है जिसने सभी सीमाओं को लांघ दिया है और मनमाने तरीके से खनन कर बालू का परिवहन किया जा रहा है यहां बालू माफिया ने नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पोकलैंड मसीनो से नदी का सीना छलनी कर दिया है जबकि योगी सरकार ने सत्ता में आते ही इस बात का एलान किया था कि खदानों में खोदाई के लिए मसीनो का उपयोग नही किया जाएगा और मजदूरों को रोजगार देते हुए खोदाई का कार्य दिया जाएगा पर इस खदान में आपको एक भी मजदूर नजर नही आएगा।

मसीनो ने लाल सोने के लालच में कई कई फुट गहरे कुँए खोद दिए है जिसमे जानवरों और किसानों के डूबने का अभाव बना रहेगा बीते वर्ष इसी इलाके की एक खदान में किसानों के तीन बच्चे डूब कर जान भी गवां चुके हैं। लेकिन बालू माफिया बाज नही आ रहे हैं। इतना ही नही राजा कॉन्ट्रक्सन के संचालक सरकार को भी चूना लगा रहे है और बिना रवन्ने के धड़ल्ले से ओवरलोड एन आर ट्रक दिन रात निकाले जा रहे हैं।

समाजसेवी ओम दीक्षित ने बताया कि इस बारे में पुलिस से बात किया जाता है तो उनका कहना यह रहता है कि हमें हस्ताक्षेप के अधिकार न होने की बात कही और जिम्मेदार अधिकारी तो फोन ही नही उठाते। अधिकारियों की पोल खोलने वाली बात यह है कि जिस रास्ते से बिना रवन्ने के ओवरलोड ट्रक निकलते हैं वही पैलानी तहसील भी स्थित है जंहा तहसीलदार सहित एसडीएम जैसे जिम्मेदार अधिकारी भी कार्यरत इसके बावजूद भी किसी मजाल है कि इन अवैध परिवहन ट्रकों पर कोई कार्रवाई कर दे । आपको बता दे कि बीते दिनों इसी खदान के संचालकों ने शराब के नशे में एक ढाबा संचालक दंपति को बंदूख की नोक पर मारा पीटा था और महिला के साथ अभद्रता भी की थी पर पैसों के आगे सारा मामला एक अंधेरी कोठरी में छिपा दिया गया अगर यही आलम रहा तो निश्चय ही एक बार फिर बड़ी घटना घट सकती है और यह माफिया सरकार को चूना लगाकर फरार हो जाएंगे।

  • रिपोर्ट : शिवम सिंह