निर्भया के हत्यारों को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने वाली वकील सीमा समृद्धि हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गई हैं। सीमा ने हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उसका केस बिना किसी मूल्य के लड़ने का फैसला किया है। हाथरस में वो पीड़ित परिवार से मिलने और बात करने जा रही है।

सीमा ने इस बात को ट्वीट करते हुए लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री जी, मैं हाथरस रेप पीड़िता के परिवार से मिलने जा रही, उम्मीद है कि आपकी पुलिस मुझे नहीं रोकेगी और आपकी पुलिस क़ानून का पालन भी करेगी ?

प्रभावित हो सकती है जांच

सुप्रीम कोर्ट में इसी बीच एक जनहित याचिका दाखिल की गई है जिसमें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की गई है। इस याचिका में मामले की जांच को सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट या रिटायर्ड न्यायधीश से कराने की मांग भी की गई है।

इसके अलावा जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि इस मामले को हाथरस से स्थानांतरित करके दिल्ली भेजा जाना चाहिए।

इस याचिका को सामाजिक कार्यकर्ता सत्यम दुबे, अधिवक्ता विशाल ठाकरे और रुद्र प्रताप यादव ने दायर किया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मामले की जांच और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो पायेगी, इसलिए इस मामले को दिल्ली स्थानांतरित किया जाना चाहिए.

14 सितम्बर को 19 वर्षीय लड़की का हाथरस गांव में 4 दबंगों के द्वारा रेप किया गया था। मां के साथ पीड़िता खेत से चारा लेने गई थी उसके साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में उसका दुपट्टे से गला घोंट कर हत्या कर दी गई। मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने आखिरी सांसे ली।

सीएम योगी ने की पीड़िता के पिता से बात

हाथरस सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता के पिता से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए बात की। उन्होनें पीड़िता के पिता को सहायता देने की घोषणा की।

उन्होनें 25 लाख रूपय की आर्थिक सहायता के साथ पीड़िता के परिवार के लिए एक सदस्य को कनिष्ठ सहायक पद की नौकरी देने की घोषणा की। इस मामले में पीड़िता को जल्दी न्याय दिलाने के लिए यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही विशेष जांच दल की 3 सदस्यीय कमेटी को जांच की अनुमति दी गयी है।

रिपोर्ट:
मानसी शर्मा