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कारोनाकाल में विश्व में डंका बजा रहा भारत का आयुर्वेद

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने एक साथ मिलकर कोविड-19 से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ को बढ़ावा देने के लिए 'अश्वगंधा' पर एक अध्ययन किया। ब्रिटेन के तीन शहरों - लीसेस्टर, बर्मिंघम और लंदन (साउथहॉल और वेम्बली) में 2,000 लोगों पर 'अश्वगंधा' के नैदानिक ​​​​परीक्षण करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 

 

दिल्ली। सदी की सबसे बड़ी आपदा- कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय चिकित्सा पद्धतियों - आयुष की मांग दुनिया भर में तेज रही है और वर्ष 2022 में इनका कारोबार 23 अरब डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2021 में जब कोरोना वायरस अपने चरम पर पहुंचा तो आयुर्वेद, सिद्धा, प्राकृतिक और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों ने अपनी प्रासंगिकता सिद्ध की और लोगों को इनसे बहुत बड़ा संबल मिला। अमेरिका, यूरोप और भारत में आयुष के बाजार के आकार की एक स्पष्ट तस्वीर 'भारत में आयुष क्षेत्र: संभावनाएं और चुनौतियां' शीर्षक रिपोर्ट में आई जिसे आरआईएस रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट से पता चला कि आयुष का बाजार आकार 2014-20 के बीच 17 प्रतिशत बढ़कर 18.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। 

विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली (आरआईएस) की रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के कारण 2020 में आर्थिक गतिविधियों में मंदी के बावजूद, इस उद्योग के 2021 में 20.6 अरब डॉलर और 2022 में 23.2 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक हिस्सेदारी के मामले में, वैश्विक बाजारों की तुलना में भारत का आयुष बाजार अधिक तेजी से बढ़ा है। विश्व बाजार में लगभग 2.8 प्रतिशत योगदान भारतीय आयुष उत्पादों का है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 रोगियों के उपचार में प्रभावी आयुष दवाओं की पहचान करने के लिए एक अंतःविषयक अनुसंधान एवं विकास कार्यबल गठित किया और आम लोगों के लाभ के लिए आयुष क्षेत्र में पांच महत्वपूर्ण पोर्टलों की शुरुआत की। 


मंत्रालय ने जरूरतमंद जनता और उद्योगों की मदद के लिए वर्ष के दौरान कई पहल की। मंत्रालय ने ‘आयुष-64’ का एक राष्ट्रव्यापी वितरण अभियान शुरू किया। यह कार्य सेवा भारती के सहयोग से देश भर में आयुष अनुसंधान परिषदों और राष्ट्रीय संस्थान की 86 ​​इकाइयों के माध्यम से किया गया। देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया कि आयुष 64, आयुर्वेदिक, एक पॉलीहर्बल फॉर्मूलेशन, मानक देखभाल के एक सहायक के रूप में लक्षण-हीन, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में उपयोगी है। । इन दवाओं की प्रभावशीलता मजबूत बहु-केंद्र नैदानिक ​​परीक्षणों के माध्यम से साबित हुई है। 

कोविड-19 की चुनौतियों के लिए आयुष-आधारित दृष्टिकोण और समाधान प्रदान करने के लिए एक समर्पित सामुदायिक सहायता हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 14443 शुरू की गयी। यह पूरे भारत में सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक-सप्ताह के सातों दिन चालू रहती है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'डब्‍ल्‍यूएचओ माय योगा' ऐप की घोषणा की। यह ऐप कई भाषाओं में सामान्य योग प्रोटोकॉल के आधार पर योग प्रशिक्षण अभ्यास को आसान करता है। इसके अलावा पेशेवरों के लिए उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए उनके कार्यस्थल पर केवल पांच मिनट में तरोताजा होने, दोबारा ध्‍यान लगाने और तनाव खत्‍म करने के लिए ‘वाई-ब्रेक’ ऐप लॉन्च किया। ऐप कॉमन योग प्रोटोकॉल पर आधारित है। 

इसमे आसन, प्राणायाम और ध्यान शामिल हैं। आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन और औषधीय पौधों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ियों, स्कूलों और किचन गार्डन में हर्बल पौधे लगाने का अभियान शुरू किया है।इसी वर्ष जम्मू के गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल कश्मीर ने बीयूएमएस (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) पाठ्यक्रम शुरू किये गये। अस्पतालों से 136 गांवों के लगभग तीन लाख लोगों को सेवाएं प्रदान करने की उम्मीद है और यह श्रीनगर, बारामूला और बांदीपोरा के आसपास के जिलों की आबादी की सेवा करेगा।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021 में 15 करोड़ 68 लाख 60 हजार लोगों ने हिस्सेदारी की। सोशल मीडिया के जरिये 49 करोड़ 61 लाख लोगों ने इस दिन योगाभ्यास किया। 

विदेशों में भारतीय मिशनों की भागीदारी में 50,000 से अधिक लोगों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर, पेरिस में एफिल टॉवर और दुनिया के सबसे ऊंचे टॉवर टोक्यो स्काईट्री के अंदर प्रतिष्ठित स्थानों पर भी सातवां योग उत्सव उत्साह के साथ मनाया।आजादी के 75 साल पूरे होने पर आयुष मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के तहत कई कार्यक्रम शुरू किए। इन विभिन्न कार्यक्रम 30 अगस्त से शुरू होकर पांच सितंबर तक चले। यह वाई-ब्रेक ऐप का शुभारंभ, औषधीय पौधों का वितरण, देश में 75 हजार हेक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधों का रोपण, 75 लाख लोगों को रोगनिरोधी दवाएं वितरित करने के लिए राष्ट्रीय अभियान,एक वर्ष में, हमारा आयुष, हमारा स्वास्थ्य: 75,000 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए व्याख्यान की एक श्रृंखला, युवाओं के बीच आयुष प्रणाली को लोकप्रिय बनाना और वाई-ब्रेक ऐप की उपयोगिता पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।

एक अन्य पहल में, मंत्रालय ने कोविड-19 के संक्रमित व्यक्तियों के अध्ययन और ऐड-ऑन हस्तक्षेप के लिए नैदानिक ​​अनुसंधान प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए एक अंतर-अनुशासनात्मक आयुष अनुसंधान एवं विकास कार्य बल का गठन किया। टास्क फोर्स में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) और आयुष संस्थानों का प्रतिनिधित्व शामिल है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने एक साथ मिलकर कोविड-19 से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ को बढ़ावा देने के लिए 'अश्वगंधा' पर एक अध्ययन किया। ब्रिटेन के तीन शहरों - लीसेस्टर, बर्मिंघम और लंदन (साउथहॉल और वेम्बली) में 2,000 लोगों पर 'अश्वगंधा' के नैदानिक ​​​​परीक्षण करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 

इसके अलावा, आयुष मंत्रालय ने भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के लिए फार्माकोपिया आयोग और अमेरिकी हर्बल फार्माकोपिया, यूएसए के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इससे दोनों देशों के बीच समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर आयुर्वेद और अन्य भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में मानकों को मजबूत करने, बढ़ावा देने और विकसित करने में मदद मिलेगी।मंत्रालय ने पूर्वोत्‍तर के राज्यों में आयुष को मजबूत करने के लिए , 30 सीटों वाला एक नया आयुर्वेद कॉलेज और पासीघाट में 60 बिस्तरों वाला आयुर्वेद अस्पताल स्थापित करने का फैसला किया।एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में, आयुष मंत्रालय ने लाइसेंस देने की प्रक्रिया को आसान बनाने और समय बचाने के लिए एक ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की। यह आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी दवाओं को तेज, कागज रहित और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया में मदद करेगा।

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