श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में दो आतंकवादी मारे गए। दोनों आतंकवादी लश्कर ए-तैयबा के थे और गत वर्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता शेख वशीम बारी की हत्या की वारदात में शामिल थे।

पुलिस प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्री बारी, उनके पिता बशीर हमद तथा भाई उमर बशीर की आतंकवादियों ने जुलाई 2020 में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

प्रवक्ता ने बताया कि बांदीपोरा के वातिनरा में आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने केे बाद 14 राष्ट्रीय रायफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दस्ते और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त खोजी अभियान चलाया। सुरक्षा बल जब एक विशेष स्थान की तरफ बढ़ रहे थे तो वहां छिपे आतंकवादियों ने उन पर स्वचालित हथियारों से गोलियां चलानी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाई।

उन्होंने ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा बलों ने बार-बार आतंकवादियों से आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उन्होंने एक ना सुनी और सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी करते रहे। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया। इनमें से एक आतंकवादी भाजपा नेता बारी , उनके पिता और भाई की हत्या में शामिल था और यह घटना जुलाई 2020 में बांदीपोरा में उस समय अंजाम दी गई थी जब वे अपने दुकान के बाहर खड़े थे।

उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान आजाद अहमद शाह और आबिद राशिद डार उर्फ हकानी के रूप में की गई है। ये दोनों प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा, “डार पाकिस्तानी प्रशिक्षित आतंकवादी था, जिसने अप्रैल 2018 में वाघा सीमा पार की थी और वर्ष 2019 में फिर घुसपैठ की थी।”

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आतंकवादी सुरक्षा प्रतिष्ठानों और नागरिकों की हत्या करने की योजना बनाने तथा उन्हें अंजाम देने के मामलों में शामिल थे। डार ने उत्तरी कश्मीर में भोले-भाले युवाओं को बहका कर लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादी विदेशी आतंकवादी उस्मान और सजाद उर्फ हैदर के साथ बांदीपोरा के मुस्लिमाबाद इलाके में भाजपा नेता वसीम बारी, उनके भाई और पिता की उनकी दुकानों/आवास के बाहर हत्या की वारदात शामिल थे। उन्होंने कहा, “उस्मान और सज्जाद 17 अगस्त, 2020 को क्रीरी में एक मुठभेड़ में पहले ही मारे जा चुके हैं, जबकि अन्य दो स्थानीय आतंकवादी आज मुठभेड़ में मारे गए।”

उन्होंने कहा कि इस तरह से भाजपा नेता और उनके परिवार की हत्या से संबंधित थाना बांदीपोरा की प्राथमिकी संख्या 74/2019 के मामले में शामिल सभी चार आतंकवादियों का सफाया हो गया है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफल, एक पिस्तौल और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों के साथ हथियार और गोला-बारूद बरामद किये गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए रखा गया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और जब तक क्षेत्र पूरी तरह से साफ नहीं कर लिया जाता तब तक मुठभेड स्थल पर न जाएं तथा किसी भी विस्फोटक सामग्री को ना छुएं और ना ही वहां से हटाएं।