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बेबस किसानों से वसुला जा रहा है खाद का मनमाना राशि
 

सुपौल: त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत के बीच मंगलवार की सुबह मुख्यालय क्षेत्र के भिन्न-भिन्न जगहों पर खाद मिलने की आशा में खाद दुकानों पर पुरुष व महिलाओं की लम्बी-लम्बी कतारें देखी गई मानो किसी चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदाता कतार में खड़े हैं।

खाद मिलने की आशा में ना तो उन्हें बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सोसल डिस्टनसिंग के पालन का कोई ख्याल नहीं था आखिर किसान करे तो क्या करे उनको तो अपने फसल की चिंता सता रही है। गेहूं के फसल के समय पटवन के बाद फसल में जरूरत के हिसाब से यूरिया की आवश्यकता आन पड़ी है। किसान यूरिया खाद के लिए दर दर की ठोकरें खाने को बेबस हो रहे हैं। किसान सुबह से हीं यूरिया खाद उपलब्ध होने का जानकारी हासिल करने में जुट जाते हैं और यदि किसी खाद दुकान पर यूरिया खाद वितरण होने की सूचना मिलती है तो सभी अन्य कार्यों को छोड़कर उक्त दुकान के सामने सुबह से हीं खाद मिलने की आशा में कतार में खड़े हो जाते हैं।  कतार में खड़े कई किसानों को जब उसकी बारी आने तक खाद समाप्त हो जाने की जानकारी मिलती है तो बिना खाद के ही वह उदास व चिंतित  मन से वापस घर चले जाते हैं, इधर जब खाद दुकानदारों की बात की जाय तो कई खाद दुकानदार अवसर का फायदा उठाते यूरिया खाद के साथ सल्फर का पैकेट व जायम लेने की शर्तों के साथ मनमाने कीमत की वसूली करने से बाज नहीं आते हैं।

मंगलवार को भी खाद दुकानदारों के द्वारा यूरिया खाद के साथ सल्फर लेने की अनिवार्यता बताते किसानों को आई पी एल कंपनी के यूरिया खाद के साथ एन एफ एल किसान बेन्टोनाइट 1 किलोग्राम सल्फर जिसपर 55 रुपये मूल्य अंकित था लेकिन दुकानदार के द्वारा यूरिया खाद के साथ उक्त एक किलोग्राम सल्फर का पैकेट सहित 370 रुपये में दिया जा रहा था जबकि आई पी एल यूरिया खाद का मूल्य जानकारी के अनुसार 266 रुपये है और 1 किलोग्राम सल्फर के पैकेट पर 55 रुपये अंकित था लेकिन दुकानदार के द्वारा बिना कोई हिचक 55 रुपये अंकित 1 किलोग्राम के सल्फर के पैकेट के साथ आई पी एल यूरिया खाद 370 रुपये लेकर बेबस किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा था इस बात की जानकारी मोबाइल के माध्यम से जिला कृषि पदाधिकारी को भी दी गई।

 उन्होंने बी ए ओ से जांच कराने का भरोसा देते कहा कि इस मामले की जांच के लिए बी ए ओ को निर्देशित किया जा रहा है सवाल उठता है कि जब खाद वितरण के लिए संबंधित खाद दुकानों पर कृषि विभाग के कर्मी की प्रतिनयुक्ति की जाती है तो संबंधित खाद दुकानदार के द्वारा किस प्रकार किसानों को यूरिया खाद के साथ साथ सल्फर जिसपर अंकित मूल्य से ज्यादा की कीमत सल्फर लेने की  अनिवार्यता के साथ   मनमाने तरीके से वसूल की जाती है जो एक यक्ष प्रश्न है।

रिपोर्ट: मणिकान्त कुमार मोनू त्रिवेणीगंज (सुपौल)
 

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