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मंडियों में मौत को गले लगा रहा अन्नदाता, कहाँ गया किसानों के 'हित' की वकालत करने वाला गिरोह

पिछले 3 दिन से भीषण सर्दी में धान बेचने की उम्मीद से आया कृषक नंदराम लोधी बहुत परेशान और हताश हो चुका था। क्रय केंद्र प्रभारी तथा अन्य कर्मचारियों के व्यवहार से भी ऐसा लग रहा था, कि मानो अब उसका ध्यान कुछ दिन और या फिर बिल्कुल ही नहीं खरीदा जाएगा। संभवत इसी हताशा के कारण कृषक ने मंडी समिति के टीनशैड बाले पिलर पर अपना मफलर बांध कर फांसी लगाते हुए, आत्महत्या करने का प्रयास किया

 

कायमगंज / फर्रुखाबाद। किसानों की मंडियों के चंगुल से आजाद करने के लिए बनाये गये नये कृषि कानून के खिलाफ लगभग एक साल से ज्यादा तक विरोध के नाम पर राजमार्ग बंद करने वाले, लालकिले पर प्रतिबंधित झंडे फहराने वाला गिरोह अब नजर नहीं आ रहा जब क्रय केंद्रों में किसान अपनी बारी का इंतजार करते करते थक जाता है और घर वापस जाने से बेहतर उसे मौत को गले लगाना लगाता है।  
 
आज उस समय सनसनी मच गई। जब भीषण सर्दी में क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने आए एक कृषक ने धान की तौल ना होने पर हताशा में फांसी लगा ली। मिली जानकारी के अनुसार जनपद के थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव देवरा महसौना निवासी कृषक नंदराम लोधी ट्रैक्टर ट्रॉली में अपने खेतों का धान विक्रय करने कायमगंज मंडी समिति स्थित एफसीआई धान क्रय केंद्र पर 29 दिसंबर को आया था। कृषक को टोकन मिल चुका था। लेकिन उसका धान खरीदा नहीं गया । 

बताया गया कि चंदौली में किसी क्रय केंद्र कर्मचारी से अभद्रता होने के कारण पूरे प्रदेश के धान क्रय केंद्रों पर काम करने वाले कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। इसीलिए यहां कायमगंज क्रय केंद्र पर भी तौल का काम बंद कर दिया गया। पिछले 3 दिन से भीषण सर्दी में धान बेचने की उम्मीद से आया कृषक नंदराम लोधी बहुत परेशान और हताश हो चुका था। क्रय केंद्र प्रभारी तथा अन्य कर्मचारियों के व्यवहार से भी ऐसा लग रहा था, कि मानो अब उसका ध्यान कुछ दिन और या फिर बिल्कुल ही नहीं खरीदा जाएगा। संभवत इसी हताशा के कारण कृषक ने मंडी समिति के टीनशैड बाले पिलर पर अपना मफलर बांध कर फांसी लगाते हुए, आत्महत्या करने का प्रयास किया, जैसे ही उसने मफलर का दूसरा सिरा अपने गले में बांध कर झूलने का प्रयास किया। वैसे ही वहां मौजूद कुछ किसानों तथा अन्य लोगों ने देखते ही उसे ऊपर उठा कर फांसी के फंदे से नीचे उतार लिया। कुछ देर तक बेहोश रहने के बाद जब उसे होश आया । तो उसने आपबीती बताई ।

लोगों ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए कहा तो परेशान और हताश हुए कृषक ने उपचार लेने से मना कर दिया। यह घटना जहां पर घटी वहां से थोड़ी दूर पर पुलिस चौकी स्थित है। सूचना मिलते ही चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई ।वही प्रशासन भी कुछ गंभीर होता नजर आया।

भ्रष्टाचार से परेशान हो  किसान ने किया आत्महत्या का प्रयास

शासन या प्रशासन कितने भी दावे करे। लेकिन भ्रष्टाचार दलाली कमीशन तथा रिश्वतखोरी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी का ताजा उदाहरण है कि आज भीषण सर्दी में परेशान मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव देवरा महसौना निवासी कृषक नंदराम लोधी आत्महत्या करने के लिए मजबूर होता दिखाई दिया। नंदराम को टोकन मिल चुका था। लेकिन उसकी ट्राली में भरे धान की क्वालिटी के नाम पर प्रश्न चिन्ह लगाकर उससे दो से पांच परसेंट कमीशन की मांग होना बताई जा रही थी । शायद इसीलिए वह निराश हो चुका था। उसे आशंका थी कि उसकी मेहनत की कमाई लूटने का क्रय केंद्र प्रभारी तथा कर्मचारी व उसके चहेते दलाल कोशिश कर रहे हैं। जिसके कारण धान की तौल नहीं हो पाएगी । 

इसी निराशा में परेशान होकर मेहनत कश अन्नदाता ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। किंतु वहां मौजूद लोगों की सजगता ने उसे फांसी के फंदे से उतारकर मरने से बचा लिया। यह तो एक नंदराम है, इससे पहले और अब तक न जाने कितने किसानों की मेहनत से कमाए गए धान खरीद के नाम पर उनसे धन वसूला जा चुका है। यह खेल कोई आज नहीं क्रय केंद्र स्थापना वाले दिन से ही चल रहा है । 

अब प्रश्न यह पैदा होता है कि हर सुविधा और बड़ी-बड़ी पगार पाने वाले अधिकारी क्या इस बात को नहीं जानते हैं। यह तो वही जाने। लेकिन भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी दलाली अवैध कमीशन जैसा धुन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही शासन कितने भी दावे करे। यहां मौजूद कुछ अन्य किसानों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उनसे भी धान की क्वालिटी पास करने के नाम पर 2 से 5 परसेंट अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही है।

मंडी समित कायमगंज स्थित एफसीआई द्वारा संचालित धान क्रय केंद्र पर मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव देवरा महसोना निवासी किसान नंदराम लोधी द्वारा क्रय केंद्र पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास जैसी सनसनीखेज एवं हिला देने वाली घटना के बावजूद भी मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी, किसानों की पीड़ा समझने देखने या फिर उसका निराकरण करने के लिए अब तक नहीं पहुंचा था। संभव  इसी उपेक्षायुक्त अनदेखी के कारण क्रय केंद्र पर बिचौलिए दलाल हावी हो रहे हैं। और धन लोलुप्पता के चक्कर में क्रय केंद्र प्रभारी उससे संबंधित अधिकारी तथा अधीनस्थ कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। 

बताया गया कि इस घटना के समय जिला मुख्यालय पर किसी आवश्यक बैठक होने के कारण तहसील मुख्यालय पर उप जिलाधिकारी सहित कोई अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। हालांकि पीड़ित किसान नंदराम को लेकर तहसील भी गए थे। लेकिन वहां उसकी कोई सुधि लेने वाला नहीं मिला। इसके बाद, सूचना मिलने पर कायमगंज आए, उसके परिजन नंदराम को लेकर गांव चले गए।


रिपोर्ट जयपाल सिंह यादव दानिश खान

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