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कानपुर में तेंदुआ रिर्टन, कल्याणपुर के खेतों में दिखे पैरों के निशान

हालांकि दोनो ​ही शहर में तेंदुए ने किसी आदमी पर हमला नहीं किया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि दोनों ही शहरों में हलचल मचाने वाला तेंदुआ एक ही है या फिर विकास के नाम सिमटते जंगलों के कारण वन्य जीव कंक्रीट के जंगल में शरण लेने आ गया है। 

 

कानपुर, लखनऊ और फिर कानपुर तेंदुए की उपस्थिति की खबरों ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है। माह की शुरूआत में वीएसएसडी कॉलेज के बाद अब कल्याणपुर के नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के पास खेतों में तेंदुए के देखे जाने की खबर है। स्थानीय लोगों ने खेत में तेंदुआ देखने का दावा किया है। सूचना पाकर मौके पर पहुॅची वन विभाग की टीम ने भी खेतों पर तेंदुए के पैर के निशान पाये है। 

गौरतलब है कि माह की शुरूआत में वीएसएसडी कॉलेज के हॉस्टल के कैमरे में एक तेंदुआ देखा गया था, जिसे पकड़ने की कई नाकामयाब कोशिशे वन विभाग द्वारा की गई। कुछ दिन बाद तेंदुए के न देखे जाने पर वन विभाग चैन की सांस लेने लगा, तभी लखनऊ में एक तेंदुए ने आतंक फैला दिया। अभी कुछ दिनों से लखनऊ में भी तेंदुआ दोबारा नहीं देखा गया, लेकिन कानपुर में वापस तेंदुए के दिखने से फिर वन विभाग की नींद उड़ गई है। हालांकि दोनो ​ही शहर में तेंदुए ने किसी आदमी पर हमला नहीं किया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि दोनों ही शहरों में हलचल मचाने वाला तेंदुआ एक ही है या फिर विकास के नाम सिमटते जंगलों के कारण वन्य जीव कंक्रीट के जंगल में शरण लेने आ गया है। 

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