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अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 3 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
 

कायमगंज / फर्रुखाबाद। पुलिस को आज उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब थाना पुलिस, एसओजी टीम तथा सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रुप से कार्यवाही करते हुए अवैध शस्त्र बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए मौके से बड़ी मात्रा में निर्मित तथा अधबने तमंचे जिंदा तथा खोखा कारतूस बरामद करते हुए इस काम को अंजाम देने वाले 3 अवैध शस्त्र बनाने वाले कारीगरों को भी गिरफ्तार कर लिया।

मामला थाना क्षेत्र कंपिल के गांव गूजरपुर का है। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी सोहराव आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक तथा अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में एवं उनकी निगरानी में थाना कंपिल क्षेत्र के गांव गूजरपुर में अवैध शस्त्र फैक्ट्री बनाने वाली जगह पर छापामार अभियान चलाया गया। उनके अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि इस ग्राम के निवासी प्रेमसिंह के सरसों वाले खेत में यह धंधा चल रहा है। जहां पूरी सतर्कता के साथ छापा डालकर मौके से बड़ी मात्रा में बने तथा अधबने तमंचे एवं सामग्री तथा अवैध हथियार बनाने के उपकरण वरामद किए गए। इसी समय मौके से भागने का प्रयास कर रहे 3 व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध हथियार बनाने का काम कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 19 वर्षीय प्रेम सिंह पुत्र बनवारी लाल व 32 वर्षीय बृजेश पुत्र अमीर चंद कठेरिया दोनों ही निवासी ग्राम गूजरपुर थाना कंपिल के हैं। वहीं तीसरा अभियुक्त 31 वर्षीय अवधेश पुत्र चंद्रपाल यादव यही के पड़ोसी गांव नाजिर नगला का निवासी है। इन तीनों के ऊपर थाना कंपिल व अन्य थानों में कई मुकदमे आर्म्स एक्ट तथा अन्य अपराधिक धाराओं के अंतर्गत पंजीकृत हैं।

मीडिया से बात करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी कायमगंज ने कहा कि पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारी प्राप्त हुई है। पूछताछ अभी जारी है जिसके आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि यह काम करने वाले अभियुक्त कच्चा माल कहां से लाते हैं और शस्त्र बनाने के बाद फुटकर या थोक में कहां सप्लाई करते हैं।

आशंका व्यक्त की जा रही है की आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए अवैध शस्त्र कारोबारी इस काम को अच्छी कीमत पर बिक्री कर मुनाफा कमाने के लिए अंजाम दे रहे थे। जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है।

बता दें कि थाना कंपिल क्षेत्र का यह भू -भाग बूढ़ी गंगा के किनारे बाला हिस्सा बहुत समय से अवैध शस्त्र बनाने के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। यह बात अलग है कि कभी-कभी पुलिस सक्रिय होकर अवैध हथियार बनाने के काम पर रोक लगाने का प्रयास जरूर करती है। लेकिन फिर भी कुछ समय बीतने के बाद इस क्षेत्र में यह धंधा पनपने लगता है। जिस पर आज तक कोई स्थाई प्रतिबंध नहीं लग सका है।


रिपोर्ट- जयपाल सिंह यादव, दानिश खान

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