नागाणी(सिरोही)! जिले के हर गांव कस्बो मे आवारा पशु घुम रहे। जिसमे ज्यादातर बैल(नंदी)ज्यादा है। अपने पेट की भूख मिटाने के लिए गली गली इन नंदीयो की भरमार है जिसे देख लोग भी डरते है ग्राम पंचायत व प्रशासन को कुछ न कुछ इनके लिए व्यवस्था करनी चाहिए। गायो के नाम गौशाला की व्यवस्था कर देते है। मगर इन नंदीयो के लिए कुछ नही ।इनकी मार पीडा देखने वाला कोई नही आखिर प्रशासन चुप क्यो है कब तक मरते रहेंगे नंदी कब तक खाते रहेंगे कुल्हाड़ी की मार

क्या ऐसा कोई कानून नहीं है जो नंदी को बचा सके पर कब तक कुल्हाड़ी चलती रहेगी। सरकार  अपनी घोषणा कब पूरी करेगी नंदी गौशाला खोलने की क्या सिर्फ घोषणा कागजो तक ही सीमित रहेगी । जिले के प्रभारी मंत्री व पशुपालन मंत्री होते हुए भी नंदियों का हाल बुरा है। दो दिन पहले  प्रभारी मंत्री जो पशुपालन मंत्री है वह सिरोही दौरे पर आए थे मगर नंदी को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया क्या ऐसे ही सरकार मंत्री और प्रशासन नंदियों को मरता देखेगे कब तक नंदी को फन्दे और कुल्हाड़ी से आजादी मिलेंगी।
                     

कई वर्षो से गौ भक्त स्वयं  के पैसों से नंदी का इलाज करते हैं शहर हो या गांव  सभी जगह गौ भक्त खुद के पैसे खर्च करके नंदी का इलाज करते हैं कब तक गौ भक्त अपने पैसों से यह मुहिम चालू रखेंगे क्या सरकार का दायित्व नहीं बनता कि नंदी के इलाज के लिए गौ भक्तों को सहयोग करके राहत दे। नागाणी गांव के आसपास नंदी की हालत बहुत दयनीय है यहां पर रोज कहीं न कही नंदी बिजली के तार लोहे की बड़े तारो और कुल्हाड़ी और फंदे के शिकार हो रहे मगर ना कोई पंचायत ना कोई प्रशासन ना कोई नेता कोई ध्यान नहीं दे रहा है लोगो की इस आवाज को कोई सुनने वाला नही जो इन आवारा बेसहारा नंदीयो के लिए व्यवस्था हो।गलीयो मे घुम रहे इन बैलो से लोग भी डरते है जो कई बार लोग इनकी चपेट मे आने से घायल भी हुए । बैलो की रखवाली करने वाला नही ।प्रशासन को इन नंदी के लिए अलग से व्यवस्था कर वहा रखना चाहिए ।

रिपोर्ट :- महेंद्र सिंह परमार