कायमगंज(फर्रुखाबाद) :: यह घटना कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव ञ्यौना में आज दिन के लगभग 2:00 बजे घटी। यहां के निवासी हेतराम राठौर की पत्नी गीता तथा मायके आई बेटी नेहा पत्नी पूरन एवं हेतराम के नाती वासु व अरुण पुत्रगणअमित साथ में बैठे खाना खा रहे थे। जिस जगह पर यह लोग बैठे थे। वहां पुरानी जर्जर कच्ची दीवार पर टीन सेट पड़ा है। तेज हवाओं के कारण टीनसेट अस्थिर होकर ऊपर नीचे जाने लगा । इसी के साथ जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई।

खाना खा रहे एक ही परिवार के यह सभी चारों लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार पर एकत्र ग्रामीणों ने बड़ी शीघ्रता के साथ मलबे को हटाकर उसमें दबे गीता, नेहा, वासु ,अरुण को बाहर निकाला । जिन्हें एंबुलेंस 108 की सहायता से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज लाया गया। यहां से गीता तथा नेहा की हालत गंभीर होने के कारण दोनों को डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर दिया। गया है। जबकि दोनों बच्चों वासू और अरुण का उपचार यही इसी अस्पताल में समाचार लिखे जाने तक जारी था।
इनसेट:- कोतवाली कायमगंज ,विकासखंड नवाबगंज के गांव ज्योंना निवासी हेतराम राठौर के यहां दीवार के मलबे में दबकर आज परिवार के 4 सदस्य घायल हुए। बताया जा रहा है कि इनके पास बहुत पुराना कच्चा पैतृक आवास ही रहने के लिए है। यहां तक की यह परिवार भूमिहीन है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले इस परिवार को ग्राम पंचायत या फिर किसी अन्य संस्था अथवा योजना का लाभ आवास निर्माण के लिए नहीं मिला। यह बात हेतराम ने उदास मन से अपने घायल परिजनों के पास खड़े होकर मीडिया को बताई। उन्होंने कहा कि मैं बहुत गरीब हूं ।अपने साधनों से मकान का निर्माण कराना मेरे बस की बात नहीं है । किसी ने आज तक उसकी सुध नहीं ली। उसके अनुसार पिछली कई पंचवर्षीय योजनाओं में केवल एक शौचालय मिला । वह भी इस समय निर्माणाधीन है ।केवल एक कमरा छोटा सा दोयम व सेम क्वालिटी की ईट बाला गारे की चिनाई करके बना सका हूं।

  • रिपोर्ट :: जयपाल सिंह यादव/ दानिश खान