इटावा :-: उत्तर प्रदेश सरकार भले ही कहे कि प्रदेश की पुलिस मित्र पुलिस है लेकिन इस मामले को देखकर ऐसा नहीं लगता की यहां की पुलिस कहीं से भी जनता के लिए मित्र है। मामला है इटावा के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का जहां शिकायत करने गए एक व्यक्ति को थाने में पीट दिया गया। जबकि वह थाने में न्याय पाने की उम्मीद से गया था।

लेकिन उत्तर प्रदेश की मृत्यु पुलिस का शर्मनाक चेहरा उजागर हो गया। आपको बता दें कि इटावा के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ठेकेदार प्रमोद की इंस्पेक्टर ने पिटाई लगा दी कसूर बस इतना था कि ठेकेदार सांसद का लिखा हुआ पत्र लेकर शिकायत करने गया था कि उसने अपनी लेबरों के साथ 1 महीने जिस व्यक्ति के यहां काम किया है उसका पैसा नहीं दे रहा है लेकिन सांसद से सिफारिश करवाना इंस्पेक्टर साहब को नागवार गुजरा और उन्होंने अभद्रता करते हुए शिकायतकर्ता ठेकेदार की पिटाई लगा दी। घटना की जानकारी जब सांसद को हुई तो सांसद अपना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य निभाते हुए थाने पहुंचे और जनता की सेवा में लग गए और उन्होंने शिकायत दर्ज करने का कारण पूछा और इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी दी।

तब जाकर पीड़ित ठेकेदार की शिकायत दर्ज हुई। जब मामला गरम हुआ तो एसपी ने इंस्पेक्टर रमेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया और जांच के आदेश दे दिए। लेकिन घटना देखने से यह बिल्कुल नहीं लगता कि प्रदेश की पुलिस कहीं से भी मित्र पुलिस है जो दावे किए जा रहे हैं वह सिर्फ खोखले साबित होते हैं।

रिपोर्ट : शिवम दुबे