औरैया : जिलाधिकारी के द्वारा किए गए गौशाला का औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया, बता दें कि जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा तर्रई, नगरिया, पाता, दशहरा वीरपुर गौशाला पहुंचकर गौशालाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशालाओं में गौवंशों की हालत व उनके इलाज, साफ-सफाई, भूसा, हरा चारा, दाना, सेवादारों का भुगतान व अन्य अभिलेखों को देखा। उन्होंने वहां पर मौजूद सेवादारों से बातचीत की । सेवादारों ने जिलाधिकारी से समय से वेतन का भुगतान ना होने की बात कही।

निरीक्षण के दौरान गौशालाओं में कई कमियां मिली। गौशालाओं में मिली कमियों व वहां फैली अव्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आपात बैठक बुलाई। जिलाधिकारी ने पाता गौशाला में भूसे की कमी जलभराव व अन्य फैली अव्यवस्थाओं को लेकर पंचायत सचिव को निलम्बित करने के आदेश दिये। तर्रई गौशाला में लगे सेवादारों के वेतन का समय से भुगतान न करने पर भाग्यनगर की खण्ड विकास अधिकारी को तत्काल हटाने के आदेश दिये। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिव का वेतन रोकने व प्रधान को नोटिस जारी करने के आदेश दिये। नगरिया गौशाला में भूसे को लेकर लापरवाही | बरतने एवं साफ-सफाई न होने पर अछल्दा के खण्ड विकास अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दिये।

जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारिओं को स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी सेवादारों के रूके वेतन का भुगतान एक सप्ताह के अन्दर कर दिया जाये। आगे से सभी सेवादारों को समय से वेतन दिया जाए एवं जो सेवादार अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सभी गौवंशों को मिलने वाले भूसा, दाना, हरा चारा का विवरण मौके पर मौजूद होना चाहिए। जो डाक्टर गौशाला में विजिट करे उनका विजिटिंग रजिस्टर भी बनाया जाये। गौशाला के पास चारागाह की जमीन देखकर हरा चारा उगाया जाये। सप्ताह भर में सभी गौशालाओं का निरीक्षण किया जाये। एक सप्ताह के अन्दर सभी गौशालाओं का एन0जी0ओ0/एफ0टी0ओ0/स्वयं सहायता समूहों को हैन्डओवर किया जाये। साथ ही उन्होनें बी०डी०ओ० को निर्देश दिये कि सभी गौशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करते हुए कमियों व अव्यवस्थाओं को दूर कराते रहे। सभी गौशालाओं में वृक्षारोपण ट्री गार्ड के साथ कराया जाये। गौशालाओं में गौवंशों की शतप्रतिशत ईयर टैगिंग न होने पर सी0वी0ओ0 व पशु चिकित्साधिकारिओं का शत प्रतिशत ईयर टेगिंग होने तक वेतन रोकने का भी आदेश दे डाला। वहीं उन्होंने पशु चिकित्साधिकारिओं को निर्देश दिये कि सभी गौशालाओं के गौवंशों की काउन्टिंग की कराई जाये और बीमार पशुओं को समय से उपचार किया जाये। चारागाह की जमीन चिन्हित कर चारा न उगा पाने के कारण डी०सी० मनरेगा को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन रोकने के आदेश दिये। भिखरा गौशाला की बिधूना तहसीलदार से जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत सचिव गवेन्द्र पाल सिंह की लापरवाही सामने आई। वहीं इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने के भी आदेश दिये।

रिर्पोट : अमित शर्मा