यूपी से चलकर बिहार पहुंचा कब्रिस्तान की चारदीवारी का मुद्दा

by News Desk
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राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ पता नहीं चलता। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव हो चुके हैं लेकिन बिहार में विधानसभा चुनाव अभी होने हैं। सभी राजनैतिक दल चुनावी रणनीति बनाने में लगे हैं।

सत्ता हासिल करने के लिए अब राजनीति के दाव पेच चलने लगे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कब्रिस्तान बनाम शमशान का मुद्दा उठाकर चुनावी रुख को पूरी तरह से मोड़ लिया था। यही राजनीतिक पेच अब बिहार राजनीति में नीतीश कुमार ने बिहार की चुनावी रणभूमि में प्रयोग किया है। कब्रिस्तान की चारदीवारी का मुद्दा उठाकर नीतीश कुमार ने सियासी सरगर्मी को बढ़ा दिया है हालांकि यह मुद्दा जेडीयू के लिए कितना कारगर साबित होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से उठा था कब्रिस्तान बनाम शमशान का मुद्दा

आपको ज्ञात होगा कि उत्तर प्रदेश में 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान तीन चरणों की वोटिंग हो चुकी थी। चौथे चरण की सीटों पर प्रचार अभियान जोरों पर था। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने फतेहपुर रैली को संबोधित करते हुए। प्रधानमंत्री ने कब्रिस्तान बनाम श्मशान का मुद्दा उठाकर चुनावी रुख को ही पूरी तरह से बदल दिया था. अब नीतीश कुमार ने बिहार के चुनावी रणभूमि में कब्रिस्तान की चारदीवारी का मुद्दा उठाकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. हालांकि, यह मुद्दा जेडीयू के लिए कितना सियासी फायदेमंद होगा यह तो आने वाले वक्त में ही पता चल सकेगा. 

नीतीश कुमार ने कैसे उठाया मुद्दा

मुख्यमंत्री कुमार ने एक रैली को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा कि हम से पहले जिन लोगों ने बिहार में सत्ता चलाई उन्होंने क्या किया कब्रिस्तान और मंदिरों का हाल ही देख लीजिए ना कब्रिस्तान की घेराबंदी थी और ना ही मूर्ति चोरी रोकने के उपाय थे। नीतीश कुमार ने बताया कि हमारी सरकार ने कब्रिस्तान की घेरेबंदी कराई. उन्होंने बताया कि  8064 कब्रिस्तान में से 6299 की घेरेबंदी करा दी गई है. जबकि दूसरी तरफ मंदिर से मूर्ति चोरी होने लगी थी. हमारी सरकार ने 226 मंदिरों में पूर्ण चारदीवारी कराई है, जबकि 112 पर काम जारी है और 48 प्रक्रियाधीन है.

नीतीश कुमार ने कब्रिस्तान का मुद्दे का जिक्र कर सीधे तौर पर बिहार के मुस्लिम मतदाताओं का मन बुझाने की कोशिश की है। साथ ही मंदिर की घेराबंदी कर हिंदू वोटरों को भी साधे रखने की रणनीति अपनाई है। कब्रिस्तान और मंदिर की चारदीवारी दोनों तरफ के पलडे बराबर करने की रणनीति अपनाते हुए नीतीश कुमार ने यूपी बनाम रणनीति अपनाकर दांव चला है। बिहार चुनाव में कितना कारगर साबित होगा यह तो समय आने पर ही पता चलेगा।

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