इंक प्रकाशन प्रयागराज से  प्रकाशित काव्य संग्रह “वह ढूँढती रोटी” का हिमाचल के महामहिम राज्यपाल श्री राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने किया विमोचन । हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर बसे हाटी समुदाय गांव बाड़ी तहसील शिलाई जिला सिरमौर से सम्बंध रखनेवाले कवि एवं साहित्यकार प्रताप पराशर की लिखी पुस्तक काव्य संग्रह “वह ढूँढती रोटी” का विमोचन मंगलवार 28 सितम्बर को राजभवन शिमला में किया गया है।

पराशर पेशे से हिमाचल प्रदेश वित्त एवं लेखा सेवा में वित्त अधिकारी के पद पर कार्यरत है।  इस मौके पर केवल शर्मा सयुंक्त सचिव माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश, राजेश शर्मा कंट्रोलर फाइनेंस डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल हिमाचल प्रदेश सचिवालय व प्रधान राज्य वित्त एवं लेखा सेवा संवर्ग , दिलीप वशिष्ठ कवि एवं साहित्यकार जिन्होंने पुस्तक का अमुख लिखा, SJVNL के मैनेजर पुनीत शर्मा ,लेखक की पत्नी चेतना पराशर मौजूद रहे ।

पराशर की लेखन शैली और पुस्तक में दर्ज रचनाओं की राज्यपाल ने सरहाना की और कहा कि पुस्तक समाज के लिए बहुत ही उपयोगी है तथा समानता का सन्देश दे कर सत्य के करीब ले जाती है उन्होंने पराशर को पहले काव्य संकलन के प्रकाशन पर बधाई दी। पुस्तक को प्रकाशित करने वाले इंक प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक दिनेश कुशवाहा ने प्रसन्नता व्यक्त की। जानेमाने कवि ,सहित्यकार एवं गीतकार दिलीप वशिष्ठ जी जो कि इस पुस्तक के अमुख के लेखक भी है कहते हैं –

मौलिकता की पृष्ठभूमि पर छबीले अर्थ खोजने व गांव के पवित्र पञ्चतत्वों से पोषित बाल्यकाल और पहाड़ के संघर्ष से घर्षित यौवन वाले प्रताप पराशर जी का कविता प्रताप सहज ही मौलिकता के दर्शन करता है।
कहूँ कि कवि प्रताप पराशर अत्यधिक  कल्पनाशीलता बनावटी अलंकारिता और कृत्रिम हथकंडों से विलग होकर यथार्थ  स्थिति वर्णन सहज व्यवहारिक अलंकरण और स्पष्टता के कवि है।

इस अवसर पर लेखक पराशर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहते है कि लेखन सृजन है यह एक तरह की प्रसव पीड़ा है इस पीड़ा के प्रतिफल में जो अंततः असीम खुशी औऱ सन्तोष होता है उसकी तुलना किसी सांसारिक वस्तु से करना अक्षम्य होगा।  लेखनी की प्रियोगशाला समाज है जिसमे सब सुधि पाठक अपनी  बौद्धिक एवं सृष्टि की दृष्टि से शब्दों को मथ कर उसके सार्थक अमरत्व से तृप्ति कर सकते  हैं। लेखक कलाकार होता है वह सारे खतरे उठाकर भी सत्य को उदघाटित करता है क्योंकि वह छंदम जी नही सकता है। उन्होंने इंक प्रकाशन एवं दिनेश कुशवाहा का इस सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।