चोरों ने पार की ई रिक्शा की बैट्री, पीड़ित ने बयां किया दर्द

by saurabh

कानपुर। दिव्यांग की आंखों से छलकते आंसू उसकी बेबसी की गाथा बयां कर रहे हैं क्योंकि दिव्यांग के रोजी रोटी पर आ बनी है। दिव्यांग ने अपनी अपंगता के सामने कभी घुटने नही टेके। बल्कि अपनी मेहनत से अपने परिवार का भरण पोषण करता आ रहा था। लेकिन चंद चोरों ने उसका रोज़गार छीन लिया ( ई-रिक्शा की बैट्री ) और कानपुर साउथ की होनहार पुलिस ने दिव्यांग को जांच के नाम पर चलता कर दिया।

कानपुर के जूही परमपुरवा में आज दिव्यांग बुजुर्ग रिक्सा चालक के ई-रिक्शा की बैट्री चोरो ने चोरी कर ली।जिसके बाद से ही बुजुर्ग का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। आपको बताते चले कि जूही परामपुरवा में रहने वाले दिव्यांग वाहिद ने बताया कि वह खुद का ई-रिक्शा चला कर किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। बीते गुरुवार की सुबह आंख खुली तो देखा चोरों ने घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा की चार बैटरियां पार कर दीं है। जिसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
मौके पर पहुँची पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर मामले को चलता कर दिया। वही दिव्यांग बुजुर्ग की माने तो वो रिक्शे की ही कमाई से रोजमर्रा के जीवन काट रहे थे। मगर अब उनकी गाड़ी की बैट्री चोरी हो गयी है तो वो कैसे जी पाएंगे।

दिव्यांग ने बताया कि रिक्शे में लगने वाली बैट्री की कीमत करीब 30 हजार रुपये है। उनके पास तो इतना पैसा भी नही है कि वो दूसरी बैटरी लगवा सके। सिर्फ इतना ही नही पीड़ित के अनुसार उसके पास में ही रहने वाले हसीन ई-रिक्शा किराये पर चलवाते हैं। चोरों ने उनके दो ई-रिक्शों से 60 हजार रुपये कीमत की 8 बैटरियां चुरा लीं। उनके घर से कुछ दूरी पर रहने वाले एक अन्य ई-रिक्शा से भी चोरों ने चार बैटरियां चुरा लीं। इस तरह से चोरों ने एक ही रात में चार ई-रिक्शों से 16 बैटरियां पार कर दीं। पीड़ित के अनुसार अभी तक पुलिस ने चोरी का मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। थाना प्रभारी संतोष आर्य ने बताया कि पीड़ित की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

  • कौस्तुभ शंकर मिश्रा

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