उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जयिनी में भगवान गणेश का उत्सव भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पुराने शहर उज्जैन में गढ़कालिका मार्ग पर एक पौराणिक मान्यताओं में एक गणेश मंदिर भी शामिल है, जो वर्षों से स्थापित है, जिसका नाम स्थिर मन गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। सैकड़ों भक्त इस मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन करने आते हैं। ऐसी मान्यता है कि मन को शांत रखने के लिए स्थिर मन गणेश की पूजा अर्चना की जाती है जिससे मन को शांति मिलती है एवं मन स्थिर हो जाता है। पुराण कथा में इस मंदिर का उल्लेख भी है जिसमें भगवान श्रीराम ने वनवास समय में उज्जयिनी यात्रा के दौरान लक्ष्मण, जानकी जी के साथ अपने मन को स्थिर रखने के लिए भगवान गणेश जी की स्थापना पूजा की थी। पहले इनका नाम थलमन गणेश था लेकिन श्रीराम के पूजन के बाद इनका नाम स्थिर मन गणेश हो गया। मंदिर में इसी भव्य गणेश मूर्ति के पास चिंताहरण गणेश की छोटी मूर्ति भी स्थापित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जो भी विद्यार्थी इस मंदिर में आकर स्थिर मन गणेश की मूर्ति के दर्शन करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है। इस प्रसिद्ध मंदिर में गुड़ का नैवेद्य ही लगाया जाता है।

रिपोर्ट – आसिफ खान (एम.पी.)