पटना(भागलपुर):: बिहार के राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह का आज सुबह निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। स्व. सिंह के पुत्र शुभानंद मुकेश ने बुधवार को बताया कि उनके पिता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। तबियत अधिक बिगड़ने पर इलाज के लिए उन्हें राजधानी पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह उनका निधन हो गया। स्व. सिंह अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्री एवं एक पुत्र को छोड़ गए हैं।

भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड के धुआवै गांव में एक किसान परिवार में 21 मई 1943 को जन्में श्री सदानंद सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय में हुई और फिर कहलगांव के शारदा पाठशाला से मैट्रिक तथा इंटर की परीक्षा पास की। बाद में उन्होंने भागलपुर के मारवाड़ी महाविद्यालय से बी काॅम और विधि महाविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। सिंह ने वर्ष 1968 में राजनीति में प्रवेश किया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में स्व. इंदिरा गांधी को जेल भेजे जाने के विरोध में उन्होंने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी और चौदह दिन बाद जेल से रिहा हुए थे। 1969 में वे कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में खड़े हुए और पहली बार ही उन्होंने जीत हासिल कर बिहार विधानसभा की सदस्यता ग्रहण की।