रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में
गुनावर कमंगलपुर गांव में बीते दिन शनिवार को चकबंदी करने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया चकबंदी टीम के विरोध में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खड़े हो गए मामला बढ़ता देख बीच-बचाव कराने जब पुलिस पहुंची तो ग्रामीण और ज्यादा भड़क गए। भड़के ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को छतिग्रस्त कर दिया और साथ ही एसओ को लाठी-डंडों से पीटा। ग्रामीणों द्वारा किए गए बवाल मे अपने फर्ज का निर्वहन कर रहे प्रभारी निरीक्षक हरचंदपुर एवं एक महिला व एक पुरुष आरक्षी मामूली रूप से घायल हो गए थे।

प्रधान की अगुवाई में डीएम से गांव वालों ने किया था चकबंदी ना कराने की अपील

इस घटना के संबंध में सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि
गांव की प्रधान अनुराधा दीक्षित की अगुवाई में दो दिन पहले ग्रामीण डीएम से मिले थे और अभी चकबंदी न कराने का आग्रह किया था। लेकिन शायद डीएम साहब ने इस बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दिया। और शायद घटना को नजरअंदाज कर दिया। जिसके कारण ही तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। गनीमत यह रही कि बवाल ज्यादा हाबी नहीं हुआ। लेकिन फिर भी बेकसूर तीन पुलिसकर्मी अपने फर्ज का निर्माण करते हुए चोटिल हो गए।

आपको बता दें कि जब शनिवार की दोपहर लगभग 2:00 बजे पुलिस बल के साथ चकबंदी विभाग की टीम पहुंची तो माहौल गरमा गया। करीब सौ ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर विरोध करने लगे, जिसमें आगे महिलाएं थीं। उस वक्त हरचंदपुर के साथ ही महराजगंज और बछरावां की पुलिस भी गांव में थी। हरचंदपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने आगे आकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बात बढ़ती गई और गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर पुलिस पर टूट पड़े। हमला होता देख चकबंदी विभाग की टीम भाग खड़ी हुई। और पुलिसकर्मी बीच में फस गए।

पुलिसवालों ने कुछ देर तक तो प्रतिरोध किया, मगर बाद में उन्हें भी गांव से भागना पड़ा। इस बीच थानाध्यक्ष को गांववालों ने निशाना बना लिया। उनके बचाव में आए सिपाही भी चोटिल हो गए। किसी तरह पुलिस टीम गांव से निकली और एसओ को सीएचसी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आवास भेज दिया गया।

पुलिस टीम पर हमले की सूचना मिलते ही शहर, मिल एरिया, शिवगढ़, बछरावां सहित सात-आठ थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। दंगा निरोधी उपकरणों से लैस पुलिस बल गांव के बाहर ही मुस्तैद रहा। सीओ सिटी और सीओ महराजगंज भी पहुंच गए।