व्हाट्सएप प्रेमिका 300 किलोमीटर का सफर तय कर प्रेमी से शादी करने पहुंची

by News Desk
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कानपुर -:- कहा जाता है प्रेम एक ऐसी चिड़िया का नाम है। जिसको हो जाए वह दुनिया के सभी रंजो गम भूल जाता है। ऐसा ही एक अनोखा प्रेम देखने को मिला। डिजिटल युग है, ऑनलाइन का जमाना है। ऐसे ही एक डिजिटल प्रेम करने का वाक्या सामने आया। यह घटना उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर की है। जहां एक प्रेमिका अपने व्हाट्सएप प्रेमी से शादी करने के लिए 300 किलोमीटर का सफर तय करके अकेले ही उसके घर पहुंच गई। लेकिन जब उसका व्हाट्सएप प्रेमी नाबालिक निकला तो जैसे उसके सपने चकनाचूर ही हो गए। लेकिन देखते ही देखते यह प्रेम का मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। 300 किलोमीटर दूर से आई प्रेमिका ने नाबालिग प्रेमी के भाई से शादी करने की जिद पकड़ ली।

सबसे खास बात तो एक और है की एलएलबी कर रही है प्रियंका अल्पसंख्यक समुदाय की है जबकि उसका प्रेमी हिंदू समुदाय से है।

आपको बता दें कि शाहजहांपुर की रहने वाली  प्रेमिका सबीना के पिता अतीक इंजीनियर हैं।सबीना का कहना है कि उसके पिता ने उसकी मां को मारने के बाद दूसरी शादी कर ली साथ ही सबीना का आरोप यह भी है कि उसकी सौतेली मां उसे बहुत टॉर्चर किया करती हैं। सबीना के मुताबिक उसकी दोस्ती कानपुर के बरौली गांव निवासी अमित से व्हाट्सएप पर हुई थी। खास बात तो यह है कि सभी ना 300किलोमीटर का सफर तय करके बुधवार को अपने प्रेमी अमित से शादी करने उसके घर कानपुर के परौली पहुंच गई। इस सफर के दौरान उसे कई किलोमीटर पैदल यात्रा भी करनी पड़ी। और रास्ते में लोगों की मदद से बस का टिकट भी खरीदा लेकिन यहां जब उसे अमित के नाबालिक होने का पता चला तो उसका शादी का बुखार उतर गया सबीना की उम्र 24 साल है और अमित उससे 5 साल छोटा आप सभी ना अमित के घर के बाहर  डाले हुए हैं।

सबीना का कहना है कि मैं इतनी दूर से अमित से शादी करने आई थी। लेकिन अमित के घर वालों का कहना है। कि अमित मुझ से 5 साल छोटा है। मैं अमित के बड़े भाई के साथ शादी करने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं वापस अपने घर नहीं जाना चाहती.

वहीं, अमित का कहना है मेरी सबीना से वॉट्सऐप पर दोस्ती जरूर हुई थी, लेकिन शादी करने को लेकर कोई बात नहीं हुई थी. अमित का ये भी कहना है क‍ि सबीना ने वॉट्सऐप पर अपना नाम रिया बताया था. मेरी तो उम्र ही छोटी है. ये अपने घर चली जाए. दूसरे के घर की लड़की हमारे यहां आई है तो चिंता भी हो रही है. गांव में आने पर हमने सबीना के घरवालों को फोन किया था. लेकिन उन्होंने उसे ले जाने से इनकार कर दिया.

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