आखिर कहां है प्रधानमंत्री आवास, झोपड़ी में रहने को मजबूर परिवार

by News Desk
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केंद्र सरकार गरीबों की मदद के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चला रही है। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना वास्तविकता गरीबों तक पहुंचती ही नहीं। गरीब झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। आखिर कहां गई केंद्र सरकार की योजना सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठता है। कि आखिर जब सरकार योजना चला रही है तो उसका लाभ गरीबों को क्यों नहीं मिल पा रहा।

मामला उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के सफीपुर का है। जहां पर कई वर्ष पूर्व एक गरीब परिवार का मकान गिर जाने के कारण वह झोपड़ी में रहने को मजबूर है। इतने पैसे है नहीं कि वह अपने मकान का निर्माण करा सके। और सरकारी योजनाओं का कोई ठिकाना नहीं कि मिले या ना मिले।

गरीब परिवार जिलाधिकारी से आवाज की गुहार लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि शासन आखिर कब नींद से जागता है। और एक गरीब को कब तक उसका आशियाना मिलता है।

आपको बता दें कि सफीपुर कस्बा के मोहल्ला कानून गोयान निवासी नन्हकी पत्नी सुंदर ने कई बार आवास योजना के लिए आवेदन किया। लेकिन, गरीब की कोई सुनने वाला कोई नहीं है? आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी उन्नाव से दो बार आए थे जिन्होंने फोटो खींचकर हमसे एक एक बार 1500 रुपए एक बार 500 रुपए लेकर चलें गए। लेकिन आज तक हमारा परिवार इसी झोपड़ी में रहता है। आवास योजना की केवल आस ही रह गई है। जबकि नगर में बहुत लोगों को आवास दिए गए हैं।

पीड़िता ने बताया कि मेरे परिवार में कुल 7 लोग हैं जिसमें पांच बच्चे हैं। पीड़िता का पति मजदूरी का कार्य करता है। जिससे किसी तरह का परिवार का भरण पोषण चल रहा है। जबकि इस कोरोना महामारी के समय काम भी बहुत कम मिलता है। खाने-पीने तक की दिक्कतें हो रही है। पीड़िता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाए जाने की मांग की है।

  • रिपोर्ट :- पंकज शुक्ला

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