मोदी बनाम राहुल : कौन किस पे भारी, जनता किसको देगी जिम्मेदारी

by News Desk
149 views

वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के आम चुनाव में, सबका साथ ,सबका विकास, सबका विश्वास के मुद्दे को लेकर लोकसभा में शानदार जीत के साथ 10 वर्षों के बाद एनडीए की वापसी कराई | विगत सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की विफलताओं को आधार बनाकर ,चाहे वह कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला हो ,या 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला हो, या फिर 2011 में जनलोकपाल बिल को लेकर अन्ना आंदोलन और सब ने कांग्रेस की विदाई रूपी ताबूत में अंतिम कील ठोक दी |

2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार की नीतियां आम जनमानस के सामने नए रूप में प्रदर्शित की गईं | सरकार की नीतियों में प्रमुखता नीति आयोग, योजना आयोग को बदल कर लाई गई | साथ में जनधन योजना, स्वच्छता अभियान जैसी योजनाएं नोटबंदी जैसे प्रमुख मुद्दे को लेकर सरकार जनता के समक्ष आई | एनडीए 1 की नीतियों में भाजपा की विदेश नीति सबसे सफल मानी जा सकती है | जिसमें दक्षिण एशियाई देशों को छोड़कर अन्य देशों से सरकार के अच्छे संबंध रहे | चीन और पाकिस्तान से संबंधों में असफलता किसी से छिपी नहीं है|

2019 में राम मंदिर ,एवं कश्मीर, तथा बेरोजगारी के मुद्दे को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार दोबारा सत्ता में वापस आई | सरकार ने राम मंदिर राम मंदिर एवं कश्मीर के मुद्दे को हल करने में सफलता अर्जित की ,वहीं बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार एक बार फिर असफल नजर आ रही है|

जनता आगे किसको देगी जिम्मेदारी

कोविड-19 महामारी ने तो पूरे देश की अर्थव्यवस्था को डावांडोल कर दिया है | जीडीपी नकारात्मक अंक में पहुंच गई है| इस दौर में लगभग 15 करोड़ लोगों का रोजगार छिन चुका है | मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सरकार को विगत वर्षों से घेरते चले आ रहे हैं | 2014 के बाद सोशल मीडिया एक नए रूप में आम जनमानस तक पहुंची | टेलीकॉम सेक्टर द्वारा डाटा पॉलिसी में कटौती के बाद स्मार्ट फोन और इंटरनेट की पहुंच निचले तबके तक भी हो गई है, जिसके बाद सरकार द्वारा अपनी खूबियों को प्रदर्शित कर विपक्ष की कमियों को उजागर किया गया | जिसका सर्वाधिक शिकार राहुल गांधी हुए |

उन्हें जनता के सामने एक नाकाम राजनेता के तौर पर प्रदर्शित किया गया | विगत विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र झारखंड के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने वापसी कर बीजेपी को चौंकाया है | किसान, बेरोजगारी, कर्जमाफी एवं अन्य मुद्दे को लेकर वह फिर से सत्ता में वापसी का सपना देख रही है | एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक मजबूत विपक्ष का होना बेहद आवश्यक है, जिसमें अभी तक कांग्रेस पूरी तरह से विफल नजर आ रही है | नरेंद्र मोदी की नीतियों के क्रियान्वयन में राष्ट्रवादिता को प्रमुख स्थान स्थान दिया गया है, वह सबका साथ ,सबका विकास एवं सबका विश्वास के स्लोगन के साथ जनता को रिझाने का कार्य कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी अभी इसमें विफल नजर आ रही है|

कुलदीप सिंह

Related Posts