हत्यारोपी को क्यों बचाती नज़र आ रही है महेवाघाट पुलिस

by shubham

शिकायती पत्र के बाद भी पुलिस नहीं दर्ज कर रही मामला, पीएम रिपोर्ट में जहर से मौत की हो रही है पुष्टि

कौशाम्बी: जहां एक ओर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन जिले के पुलिसिंग को क्लीन करने में लगे हुए हैं। वहीं महेवाघाट पुलिस दागदार करने से नहीं चूक रही है। मामला टिकरा गांव का बताया जा रहा है। जहां जहर देकर एक युवक को मौत के घाट उतार दिया गया। पहले तो इलाकाई पुलिस युवक का पोस्टमार्टम ही नहीं करा रही थी। जब परिजनों का दबाव हुआ तो पुलिस ने किसी तरह पीएम कराया। अब पोस्टमार्टम में जहर से मौत की पुष्टि होने बाद भी पुलिस इस मामले को किसी भी तरह रफा-दफा करने में लगी हुई है। जिसके चलते अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर महेवा घाट थाना पुलिस के हत्यारों के पक्ष में खुलकर बैटिंग करने के लिए उतर आई है।

मृतक रतन सिंह की पत्नी मेनका सिंह ने न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसके पति हिनौता गांव के ही संतोष गौतम के यहां अपनी जमीन का पैसा मांगने कार्य के लिए गए थे। जिसके बाद उन्हें जबरिया जहरीला पदार्थ पिला दिया गया। किसी तरह छूट कर बाहर आए तो उन्होंने बताया कि उनके साथ संतोष गौतम ने क्या व्यवहार किया है। जिसके बाद वह अपने पति को लेकर इलाके के अस्पताल पहुंची, जहां उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। महिला ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले में रिपोर्ट दर्ज करा कर आरोपी को जेल भेजने की मांग की है।

रिपोर्ट: श्रीकान्त यादव

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