किर्गिस्तान सेंट्रल एशिया के पाँच देशों में एक है। शेष देश हैं उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कज़ा़किस्तान और तुर्कमेनिस्तान। इस इलाके से रूस, ईरान और पाकिस्तान के हित जुड़े हैं। अमेरिका, चीन और भारत की भी अलग-अलग कारणों से इस क्षेत्र में दिलचस्पी है। यहाँ अमेरिका का बेस भी है। सुदूर पूर्वी एशिया को यूरोप से जोड़ने वाला सिल्क रूट यहाँ से गुज़रता है।हर दृष्टि से यह इलाका बेहद संवेदनशील और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

किर्गिस्तान। आम चुनावों के बाद पैदा हुई आंतरिक हिंसा से जूझते किर्गिस्तान में शीघ्र अति शीघ्र हिंसा समाप्त करने के लिए दुनिया के तमाम देशों ने लामबंदी शुरू कर दी है। इटली के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया,”इटली किर्गिस्तान में गत रविवार को हुए आम चुनाव के बाद से उत्पन्न स्थिति पर नजर बनाये हुए है। हम चाहते हैं कि वहां हिंसा तत्काल बंद हो और मतदान रद्द होने के बाद शुरू रचानात्मक अंतरिम राजीतिक वार्ता पुन:बहाल की जाये।”

गौरतलब है कि पांच अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव के नतीजों से असंतुष्ट विपक्षी दलों के समर्थकों की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष हुआ। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में नहीं घुसने की कोशिश की पर सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की घेराबंदी करके अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान नौ सौ से अधिक लोग घायल हुए और एक की मौत हो गई।

प्रधानमंत्री कुबातबेक बोरोनोव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव ने देश की कमान संभाल ली। श्री जीनबेकोव ने विपक्षी दलों से वार्ता के लिए टेबल पर आने की कई बार अपील की लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर इस मसले पर सहमति नहीं बन पाई है।

विपक्षी दलों ने देश को चलाने के लिए एक समन्वय समिति गठित की और जेल से छुटे साद्री जपरोव को अंतरिम प्रधानमंत्री मनोनीत किया। छह अक्टूबर को संसद की आपात बैठक बुलाकर जपरोव की उम्मीदवारी पर मोहर लगा दी गई। इस बीच कुछ विपक्षी दल इस पर सहमत नहीं हुए और उन्होंने अपनी समन्वय समिति बनाई और अपना प्रधानमंत्री चुनने की घोषणा की। उन्होंने महाभियोग लाकर राष्ट्रपति को हटाये जाने और संसद को भंग किये जाने की भी मांग की।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की स्थिति को सामान्य करने के लिए वह विभिन्न राजनीतिक दलों से निजी तौर पर बातचीत कर रहे हैं। विपक्षी दल अटा-मेकेन के सांसद कनीबेक इमानलीव ने कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लाने की पूरी तैयारी है।

किर्गिस्तान सरकार ने मंगलवार को सभी दलों से मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीसे सुलझाने के लिए राजनीति प्रक्रिया में शामिल होने का आह्वान किया था।सरकार ने कहा, “सरकार मौजूदा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए सभी दलों से राजनीति प्रक्रिया में शामिल होने का आह्वान करती है। लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए तथा देश की समृद्धि के लिए कानून के दायरे में सभी मुद्दों का हल किया जाना चाहिए।”