उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बैंकिंग सिस्टम को झकझोर देने वाले 1.85 करोड़ रुपये के गबन मामले में जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जसराना स्थित इंडियन बैंक शाखा में खाताधारकों के पैसों का गबन करने के मामले में बैंक के तत्कालीन क्लर्क जयप्रकाश सिंह को आजीवन कारावास और ₹5.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके साथ ही मामले में शामिल पांच अन्य सह-अभियुक्तों—प्रवीन कुमार, कुंवरपाल, आकाश, वीर बहादुर और सुखदेव सिंह—को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर ₹5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला 21 मार्च 2025 को सामने आया था, जब बैंक ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके द्वारा जमा किया गया पैसा खातों में नहीं दिख रहा है। इसके बाद बैंक शाखा में हंगामा हुआ और आगरा जोन के प्रमुख तरुण बिश्नोई की अगुवाई में जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह और क्लर्क जयप्रकाश सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न खातों से धोखाधड़ी कर करीब 1.85 करोड़ रुपये का गबन किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के अनुसार, यह सफलता ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मिली, जिसमें पुलिस और अभियोजन की मजबूत पैरवी के चलते मात्र 172 दिनों में आरोपियों को सजा दिलाई गई।
यह फैसला न सिर्फ पीड़ित खाताधारकों को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है।
