नई दिल्ली/गोवा:
गोवा के एक नाइटक्लब में पिछले साल हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी, अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रडार पर है। ईडी ने शुक्रवार सुबह इस मामले के मुख्य आरोपी लूथरा बंधुओं— सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करते हुए दिल्ली, गोवा और हरियाणा में एक साथ छापेमारी की।
ठिकानों पर छापेमारी और जांच का दायरा
प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने कुल 8 से 9 ठिकानों पर तलाशी ली। इसमें लूथरा बंधुओं के दिल्ली स्थित किंग्सवे कैंप दफ्तर, हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ‘तत्वम विला’ और सह-मालिक अजय गुप्ता के ठिकानों पर रेड की गई। जांच एजेंसी उन सबूतों को तलाश रही है जो क्लब के अवैध निर्माण और उससे होने वाली काली कमाई की ओर इशारा करते हैं।
सरकारी अधिकारियों पर भी गाज
ईडी की इस कार्रवाई में केवल क्लब मालिक ही नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र के तार भी खुल रहे हैं। गोवा में सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। आरोप है कि इन अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर क्लब के लिए अवैध एनओसी और लाइसेंस जारी किए थे। साथ ही ‘खाजान’ भूमि (नमक बनाने वाली जमीन) के अवैध रूपांतरण का मामला भी जांच के दायरे में है।
घटना का फ्लैशबैक
यह भीषण अग्निकांड 6 दिसंबर, 2025 को गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में हुआ था। आग उस वक्त लगी जब क्लब में डांस पार्टी चल रही थी। हादसे के बाद लूथरा बंधु देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे, जिन्हें बाद में डिपोर्ट किया गया था। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और अब ईडी उनके वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
