भोपाल, 24 जनवरी:
मध्य प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंघार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में प्रदेश से कुल 54,803 बालिकाएं लापता हुई हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
गृह विभाग पर बरसे सिंघार
उमंग सिंघार ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरा, जिनके पास वर्तमान में गृह विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि गृह विभाग की डोर मुख्यमंत्री के हाथ से फिसलती जा रही है।” सिंघार ने आगे कहा कि चुनावी समय में महिला सुरक्षा को लेकर किए गए बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत में पूरी तरह शून्य साबित हुए हैं।
2025 के आंकड़े चौंकाने वाले
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि अकेले वर्ष 2025 में ही 13,146 बालिकाओं के लापता होने की FIR दर्ज हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस गंभीर विषय का तत्काल संज्ञान लिया जाए और दोषियों पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस का कड़ा रुख
इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा और अधिकार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में दिखने चाहिए। उन्होंने संकल्प लिया कि कांग्रेस बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। NCRB के आंकड़ों और हालिया आपराधिक घटनाओं ने मध्य प्रदेश सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है।
