नई दिल्ली, 24 जनवरी:
राजधानी दिल्ली में लग्जरी कारों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय सिंडिकेट का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। दक्षिण-पूर्व जिले की एंटी-ऑटो-थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से चोरी की गई 11 लग्जरी कारें बरामद की हैं। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड कुणाल सुभाष जायसवाल और मुख्य चोर काशिफ को गिरफ्तार किया है।
कैसे खुला राज?
इस पूरे मामले की जांच दिसंबर 2025 में जामिया नगर से चोरी हुई एक मारुति एस-प्रेसो कार की ई-एफआईआर से शुरू हुई। निरीक्षक अजय दलाल की टीम ने जब तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद ली, तो तार मुंबई से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने मुंबई के बांद्रा और धारावी इलाकों में छापेमारी कर कुणाल और मोहम्मद अमान को दबोचा।
ठगी का तरीका: जादुई तरीके से बदलते थे पहचान
गिरफ्तार आरोपी कुणाल जायसवाल ने पूछताछ में खुलासा किया कि सिंडिकेट बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। बुलंदशहर के काशिफ और हसन जैसे चोर दिल्ली से गाड़ियां चुराकर महाराष्ट्र भेजते थे। वहां इन गाड़ियों के मूल चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की जाती थी। गिरोह एक्सीडेंटल गाड़ियों (Total Loss) या लोन डिफॉल्ट गाड़ियों के दस्तावेजों का उपयोग करता था। फर्जी सेल लेटर और बैंक की नकली एनओसी के जरिए इन गाड़ियों को दोबारा रजिस्टर कराया जाता था और फिर मासूम ग्राहकों को सस्ते दाम पर बेच दिया जाता था।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय कुणाल जायसवाल ग्रेजुएट है और पहले भी अपराध शाखा के मामलों में शामिल रह चुका है। वहीं, बुलंदशहर का काशिफ एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर एटीएम लूट और वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और अन्य बरामदगी की संभावनाओं की जांच कर रही है।
