वाराणसी | उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने और फिर निलंबित होने वाले 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। काशी के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेने के बाद अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि 6 फरवरी तक एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी से दिल्ली में ऐतिहासिक आंदोलन शुरू होगा।
“6 फरवरी तक का समय, फिर होगा सत्ता परिवर्तन”
मीडिया से बातचीत करते हुए अलंकार अग्निहोत्री बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से यह ऐलान कर रहा हूं कि आपका आधार अब शून्य हो चुका है। यदि 6 फरवरी तक देश के इस सबसे ‘काले कानून’ (SC-ST एक्ट) को वापस नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी को हम सवर्ण संगठनों के साथ दिल्ली कूच करेंगे।” उन्होंने दावा किया कि जनता अब मौजूदा व्यवस्था से ऊब चुकी है और चुनाव होने पर सत्ताधारी दल को दहाई का आंकड़ा छूना भी मुश्किल होगा।
SC-ST एक्ट को बताया ‘विभाजनकारी’
अग्निहोत्री ने इस कानून पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सामाजिक तनाव का मुख्य कारण बताया। उनके प्रमुख तर्क निम्नलिखित हैं:
- फर्जी मामले: उन्होंने दावा किया कि इस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं, जिसका इस्तेमाल केवल उत्पीड़न के लिए किया जाता है।
- बहुसंख्यक विरोध: उनका कहना है कि देश की 85 प्रतिशत आबादी इस कानून के मौजूदा स्वरूप से त्रस्त है।
- यूजीसी नियमों पर हमला: उन्होंने हाल ही में आए यूजीसी (UGC) के नए नियमों को भी ‘ब्राह्मण विरोधी’ और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाला बताया।
शंकराचार्य से मुलाकात और ‘मिशन 2027’
अलंकार अग्निहोत्री की शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे एक ‘आध्यात्मिक मुलाकात’ बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच एक आंतरिक लड़ाई चल रही है और 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित साजिशें रची जा रही हैं।
