बोकारो में गजराज का खूनी तांडव: एक ही परिवार के 3 बुजुर्गों की मौत, पूरे गांव में मातम - NewsKranti

बोकारो में गजराज का खूनी तांडव: एक ही परिवार के 3 बुजुर्गों की मौत, पूरे गांव में मातम

बोकारो के गोमिया में जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है। गुरुवार की अहले सुबह हाथियों के झुंड ने हमला कर तीन लोगों की जान ले ली और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

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ख़बर एक नज़र में :
  • बोकारो के गोमिया प्रखंड के बड़कीपुन्नू गांव में हाथियों का हमला।
  • एक ही परिवार के 3 बुजुर्गों की मौत, 2 घायल।
  • मृतकों की पहचान: गंगा करमाली, कमली देवी और भगिया देवी।
  • पिछले 3 महीनों में क्षेत्र में कुल 8 मौतें दर्ज।
  • वन विभाग ने ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने की चेतावनी दी।

बोकारो (झारखंड) | 5 फरवरी, 2026

झारखंड के बोकारो जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ जंगली हाथियों के एक झुंड ने भारी तबाही मचाई है। जिले के गोमिया प्रखंड के अंतर्गत महुआटांड़ क्षेत्र के बड़कीपुन्नू गांव में गुरुवार की तड़के करीब 3:20 बजे हाथियों ने हमला कर तीन बुजुर्गों को मौत के घाट उतार दिया। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी एक रिश्तेदार महिला शामिल हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत पैदा कर दी है और ग्रामीण वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

नींद में मौत बनकर आए हाथी: घटना का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड बुधवार शाम करीब 7:00 बजे ही गांव की सीमा में दाखिल हो गया था। उस समय ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ दिया था। लेकिन हाथियों का दल वापस जंगल नहीं गया और अंधेरे का फायदा उठाकर तड़के सुबह फिर से गांव में घुस आया।

हाथियों ने सबसे पहले गंगा करमाली (65) और उनकी पत्नी कमली देवी (62) के घर पर हमला किया। जब तक वे कुछ समझ पाते, हाथियों ने कच्चे मकान की दीवार गिरा दी और गंगा करमाली को सूंड से खींचकर बाहर निकाला और पटक-पटक कर मार डाला। शोर सुनकर बाहर निकलीं उनकी पत्नी कमली देवी और बगल के घर में सो रही उनकी गोतनी भगिया देवी (65) को भी हाथियों ने अपना शिकार बनाया। तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

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बचाव की कोशिश में घायल हुए परिजन

इस हमले में करमी देवी (50) को हाथियों ने उठाकर फेंक दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर जब अन्य ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंचे, तब जाकर हाथी वहां से पीछे हटे। घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद बड़कीपुन्नू गांव में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों में इस क्षेत्र में हाथियों के हमले से 8 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन वन विभाग ठोस कदम उठाने में विफल रहा है। सूचना मिलने के कई घंटों बाद भी वन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की।

गोमिया विधायक और मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने घटना पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग को हाथियों को सुरक्षित तरीके से दूर करने और पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने का निर्देश दिया है। वर्तमान में क्षेत्र में क्विक रिस्पांस टीम को तैनात किया गया है।

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