कानपुर। ‘छोटा काशी’ के नाम से प्रसिद्ध कानपुर के ऐतिहासिक श्री बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर (परमत) में महाशिवरात्रि के महापर्व पर आस्था का जनसैलाब उमड़ने वाला है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए कानपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने एक व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। यह विशेष व्यवस्था 14 और 15 फरवरी को प्रभावी रहेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन समिति के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह तय किया गया है कि मंदिर की ओर जाने वाले सभी वाहनों को एक निश्चित सीमा से पहले ही रोक दिया जाएगा। पैदल चलने वाले भक्तों के लिए भी ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू की गई है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने और हर भक्त बाबा के दर्शन शांतिपूर्वक कर सके।
दर्शन के लिए इन रास्तों का करें प्रयोग (Entry Routes)
प्रशासन ने मंदिर पहुंचने के लिए दो प्रमुख प्रवेश द्वार निर्धारित किए हैं:
- वीआईपी रोड (VIP Road) मार्ग: जो श्रद्धालु पेट्रोल पंप की दिशा से आएंगे, उन्हें बक्कल बैरियर पर रोका जाएगा। यहाँ से श्रद्धालु पैदल शराब गद्दी रोड होते हुए पुष्पेंद्र चौराहा पहुंचेंगे। पुष्पेंद्र चौराहे से सीधे मंदिर के मुख्य द्वार (मेन गेट) में प्रवेश मिलेगा।
- ग्रीन पार्क स्टेडियम मार्ग: सिविल लाइंस और ग्रीन पार्क की ओर से आने वाले भक्तों को पुष्पेंद्र चौराहा भेजा जाएगा। यहाँ से वे कतारबद्ध होकर मुख्य द्वार की ओर बढ़ सकेंगे।
निकासी मार्ग: भीड़ को रोकने के लिए अलग रास्ता (Exit Plan)
भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए इस बार निकासी मार्ग (Exit Route) को पूरी तरह अलग रखा गया है। दर्शन करने के बाद कोई भी भक्त प्रवेश मार्ग से वापस नहीं जा सकेगा।
- दर्शन के बाद श्रद्धालु नंदी बाबा मंदिर के पास स्थित सीढ़ियों से उतरकर गंगा तट (गंगा किनारे) की ओर बढ़ेंगे।
- वहां से टहलते हुए मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने से गुजरकर चौकी परमठ के सामने निकलेंगे।
- अंत में बहल बैरियर होते हुए मुख्य सड़क की ओर प्रस्थान करेंगे।
सुरक्षा और जनसुविधाएं: प्रशासन ने कसी कमर
महाशिवरात्रि पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर है।
- सीसीटीवी निगरानी: मंदिर परिसर और पहुंच मार्गों पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
- लाइटिंग व्यवस्था: नगर निगम को खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक करने और अस्थायी रूप से अतिरिक्त हाई-मास्क लाइटें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- दिशा-सूचक बोर्ड: श्रद्धालुओं को भ्रम से बचाने के लिए पूरे परमत क्षेत्र में बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर प्रवेश और निकास की जानकारी होगी।
