भरोसे का कत्ल: परिचितों के जरिए हुई थी मुलाकात - NewsKranti

भरोसे का कत्ल: परिचितों के जरिए हुई थी मुलाकात

कानपुर में आबकारी विभाग की एक महिला सिपाही जालसाजी का शिकार हो गई हैं। खुद को आयकर विभाग का दरोगा बताने वाले एक व्यक्ति ने महिला का भरोसा जीतकर ₹6.50 लाख ठग लिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में FIR दर्ज की है।

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ख़बर एक नज़र में :
  • पीड़िता: आबकारी विभाग में तैनात महिला सिपाही।
  • ठगी की रकम: ₹6.50 लाख (किश्तों में दी गई)।
  • आरोपी का हथकंडा: खुद को आयकर विभाग का दरोगा बताकर विश्वास जीता।
  • दर्ज धाराएं: धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी।
  • कानपुर पुलिस का रुख: आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी।

कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस और सरकारी महकमे के लोगों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला आबकारी विभाग से जुड़ा है, जहाँ तैनात एक महिला सिपाही के साथ ₹6.50 लाख की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। ठगी करने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यक्ति है जिसने फर्जी पहचान के दम पर पीड़िता का विश्वास जीता था।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मुलाकात आरोपी से कुछ समय पहले साझा परिचितों के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को इनकम टैक्स विभाग (आयकर विभाग) में दरोगा के पद पर तैनात बताया था। रौबदार व्यक्तित्व और सरकारी ओहदे की बात सुनकर महिला सिपाही उसके झांसे में आ गई।

मदद के नाम पर किश्तों में हड़पी रकम

आरोपी ने पहले महिला सिपाही से गहरी दोस्ती की और फिर अपनी ‘मजबूरी’ का कार्ड खेला। उसने निजी पारिवारिक दिक्कतों और कुछ अचानक आई आर्थिक जरूरतों का हवाला देते हुए महिला से आर्थिक मदद की गुहार लगाई।

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  • लेनदेन का तरीका: आरोपी ने एक साथ पैसे न लेकर किश्तों में कुल ₹6,50,000 ऐंठ लिए। महिला ने भी एक सरकारी कर्मचारी की मदद समझकर अपनी जमापूंजी उसे सौंप दी।
  • टालमटोल और धमकी: जब पैसे लौटाने का समय आया, तो आरोपी का असली चेहरा सामने आ गया। वह महीनों तक पैसे लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा। हद तो तब हो गई जब पीड़िता ने कड़ाई से अपनी रकम वापस मांगी; तब कथित ठग ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने और अपने ‘रसूख’ का इस्तेमाल कर करियर खराब करने की धमकी दी।

पुलिसिया कार्रवाई: बैंक ट्रांजैक्शन खंगाल रही है टीम

काफी दबाव और मानसिक प्रताड़ना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और संबंधित थाने में तहरीर दी। कानपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (420), अमानत में खयानत (406) और धमकी देने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

  1. साक्ष्य संकलन: महिला सिपाही द्वारा दिए गए बैंक स्टेटमेंट और व्हाट्सएप चैट को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है।
  2. लोकेशन ट्रेसिंग: आरोपी की तलाश के लिए सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
  3. फर्जी पहचान की जांच: आयकर विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है कि क्या आरोपी ने पूर्व में वहां काम किया है या वह पूरी तरह से फर्जी दरोगा बनकर घूम रहा था।

सावधान! ठगों के ‘वर्दी वाले’ जाल से बचें

पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता के लिए अलर्ट भी जारी किया है। अक्सर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या इनकम टैक्स का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं या उनका भरोसा जीतते हैं। किसी भी व्यक्ति को बड़ी रकम उधार देने से पहले उसके विभाग और पहचान पत्र की पुष्टि अवश्य करें।

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