परमट मंदिर में प्रशासनिक मुस्तैदी: श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता - NewsKranti

परमट मंदिर में प्रशासनिक मुस्तैदी: श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

कानपुर के ऐतिहासिक परमट मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, सफाई और भीड़ नियंत्रण के कड़े निर्देश दिए हैं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • निरीक्षण स्थल: बाबा आनंदेश्वर मंदिर (परमट), कानपुर।
  • अधिकारी: जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रशासनिक अमला।
  • मुख्य तिथि: 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि)।
  • प्रमुख निर्देश: 24/7 सफाई, मजबूत बैरिकेडिंग, और चाक-चौबंद सुरक्षा।
  • निगरानी: सीसीटीवी कैमरों और सशस्त्र पुलिस बल के जरिए सतत निगरानी।

कानपुर। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजने वाले महाशिवरात्रि पर्व (15 फरवरी 2026) को लेकर कानपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर मंदिर (परमट) में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को स्वयं मंदिर परिसर का दौरा किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर की गलियों से लेकर गंगा घाट तक की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और यदि किसी भी विभाग की ओर से लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा का अभेद्य किला: सीसीटीवी और बैरिकेडिंग

भीड़ नियंत्रण के लिए डीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को मजबूत बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए हैं।

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  • अलग-अलग कतारें: पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास की अलग-अलग गलियां बनाई जाएंगी।
  • डिजिटल नजर: मंदिर के हर कोने और प्रवेश द्वारों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसकी मॉनिटरिंग के लिए परिसर में ही एक अस्थाई कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर

नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि महाशिवरात्रि से पहले और पर्व के दौरान परमट क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।

  • प्रकाश व्यवस्था: शाम के समय गलियों और घाटों पर पर्याप्त दूधिया रोशनी (LED Lights) सुनिश्चित की जाएगी ताकि रात में आने वाले भक्तों को परेशानी न हो।
  • पेयजल और शौचालय: मंदिर के बाहर पेयजल टैंकर और पर्याप्त संख्या में अस्थाई शौचालय स्थापित किए जाएंगे।

पार्किंग के लिए बनेंगे अस्थाई जोन

परमट क्षेत्र में लगने वाले जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस को विशेष पार्किंग प्लान बनाने को कहा गया है। मंदिर से कुछ दूरी पर ही वाहनों को रोकने की व्यवस्था होगी, ताकि पैदल यात्रियों को चलने में कोई बाधा न आए।

पूरे शहर के शिवालयों में रहेगा विशेष पहरा

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रशासन की मुस्तैदी केवल परमट मंदिर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों जैसे जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ मंदिर, जागेश्वर महादेव और बनखंडेश्वर मंदिर में भी सुरक्षा और सुविधाओं के समान पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

प्रशासन की इस सक्रियता से शिव भक्तों में उत्साह है और उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास और शांति के साथ संपन्न होगा।

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