कानपुर। शहर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन कानपुर पुलिस की मुस्तैदी ने एक बार फिर एक बड़ी वारदात को होने से रोक लिया। ताजा मामला पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर चौकी इलाके का है, जहाँ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम में घुसकर मशीन से छेड़छाड़ कर रहे दो शातिर युवकों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरी कार्रवाई सीसीटीवी (CCTV) निगरानी और त्वरित पुलिस रिस्पांस के कारण सफल हो सकी। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी हाई-टेक उपकरणों के जरिए आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने की योजना बना रहे थे।
कैसे पकड़े गए शातिर? सीसीटीवी ने खोला राज
बुधवार देर रात, रतनपुर स्थित एसबीआई एटीएम के भीतर दो युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिए। वे बार-बार एटीएम के कार्ड स्लॉट और की-पैड के पास कुछ उपकरण फिट करने की कोशिश कर रहे थे। बैंक के सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम और सीसीटीवी कंट्रोल रूम में यह हलचल तुरंत कैद हो गई।
संदेश मिलते ही रतनपुर चौकी इंचार्ज और पनकी पुलिस की टीम मौके पर रवाना हुई। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुँची, आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें दौड़ाकर दबोच लिया।
एटीएम स्किमिंग: क्या थी आरोपियों की मोडस ऑपरेंडी?
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी एटीएम मशीन में ‘स्किमर’ और ‘माइक्रो-चिप’ लगाने का प्रयास कर रहे थे।
- डेटा चोरी: चिप लगाने के बाद जैसे ही कोई ग्राहक अपना कार्ड स्वाइप करता, उसका सारा गोपनीय डेटा (कार्ड नंबर और पिन) इन शातिरों के पास पहुँच जाता।
- क्लोन कार्ड: इस डेटा की मदद से ये अपराधी क्लोन कार्ड बनाकर ग्राहकों के बैंक खातों को मिनटों में खाली कर देते।
बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं तार
पुलिस को अंदेशा है कि पकड़े गए युवक किसी बड़े साइबर गिरोह के मोहरे हैं जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में सक्रिय है। पुलिस इनके मोबाइल फोन और पास से बरामद उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
सावधान! एटीएम इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानी
पनकी पुलिस ने इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों के लिए एक एडवायजरी भी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि यदि एटीएम के कार्ड स्लॉट में कुछ अतिरिक्त लगा हुआ दिखे या की-पैड ढीला महसूस हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही, पिन दर्ज करते समय दूसरे हाथ से की-पैड को ढक लें।
