लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन (13 फरवरी 2026) ऐतिहासिक और बेहद दिलचस्प रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) की घेराबंदी करने के लिए शायरी का सहारा लिया।
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और हंगामे का जवाब देते हुए सीएम योगी ने मिर्जा गालिब का कालजयी शेर पढ़ा:
“उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।”
इस शेर के जरिए मुख्यमंत्री ने सपा की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रदेश की जो छवि पहले खराब हुई थी, वह किसी एक दिन में नहीं हुई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष अपनी पिछली गलतियों और आचरण को सुधारने के बजाय आईना (मौजूदा सरकार) साफ करने में जुटा है, जबकि असली ‘धूल’ (समस्या) उनके अपने पिछले कार्यकाल के आचरण में थी।
“बेटियां डरी हुई थीं, व्यापारी पलायन कर रहे थे”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा काल की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले का राजनीतिक आचरण ऐसा था जिससे बेटियां घबराती थीं और व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद कर पलायन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उस समय के आचरण की झलक आज भी सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के व्यवहार में दिखाई देती है, जिसे प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वीकार नहीं करेगा।
विकास का नया मॉडल: 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि पिछले 8-9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ‘बीमारू राज्य’ का ठप्पा हटा दिया है।
- गरीबी उन्मूलन: डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 6 करोड़ से अधिक आबादी बहुआयामी गरीबी रेखा से ऊपर उठी है।
- लाभार्थियों को आश्वासन: सीएम ने स्पष्ट किया कि गरीबी रेखा से ऊपर आने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। राशन, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं पहले की तरह ही मिलती रहेंगी।
‘TTT’ का प्रतीक बना ‘नया यूपी’
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश अब ‘उपद्रव’ का नहीं, बल्कि ‘उत्सव’ का प्रदेश बन गया है। उन्होंने यूपी को ‘TTT’ (Trade, Technology, and Tourism) का नया प्रतीक बताया। अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज (महाकुंभ 2025) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज करोड़ों लोग यूपी आ रहे हैं, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ा है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
