नई दिल्ली/ढाका। पड़ोसी देश बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और महीनों के उथल-पुथल के बाद आखिरकार लोकतंत्र की नई सुबह हुई है। शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को घोषित हुए चुनाव परिणामों में तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने एकतरफा जीत हासिल की है। अब तक मिले आंकड़ों के अनुसार, 299 सीटों वाले सदन में BNP और उसके सहयोगियों ने 212 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है।
यह जीत BNP के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि पार्टी पूरे 20 साल बाद सत्ता के मुख्य सिंहासन पर लौटी है। वहीं, कट्टरपंथी मानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को करीब 70 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
पीएम मोदी का ‘बधाई संदेश’: भारत का बड़ा कूटनीतिक रुख
BNP की इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से तारिक रहमान को गर्मजोशी से बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा:
“बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में BNP को निर्णायक जीत की ओर ले जाने के लिए श्री तारिक रहमान को हार्दिक बधाई। यह जीत आपके नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दर्शाती है। भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि वह दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तारिक रहमान के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद पैदा हुए तनाव के बीच मोदी का यह संदेश दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने का काम करेगा।
तारिक रहमान: निर्वासन से लेकर ‘प्रधानमंत्री’ की कुर्सी तक
60 वर्षीय तारिक रहमान के लिए यह जीत निजी और राजनीतिक रूप से बहुत बड़ी है।
- 17 साल का निर्वासन: वह करीब 17 सालों तक लंदन में आत्म-निर्वासन में रहे।
- वापसी और नेतृत्व: 2024 के ‘जनरेशन-जेड’ विद्रोह और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद वह वापस लौटे और पार्टी की कमान संभाली।
- अनोखा रिकॉर्ड: तारिक रहमान पिछले 35 सालों में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जो देश की ‘बेगमों की जंग’ (शेख हसीना बनाम खालिदा जिया) के युग के अंत का प्रतीक है।
हालांकि, जीत के जश्न के बीच तारिक रहमान ने संयम का परिचय दिया है। उन्होंने अपनी मां और पूर्व पीएम खालिदा जिया के हालिया निधन के सम्मान में किसी भी बड़े विजय उत्सव को स्थगित करने की अपील की है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों का नया अध्याय
BNP ने भी पीएम मोदी की बधाई का जवाब देते हुए भारत का आभार व्यक्त किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वे भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। सुरक्षा, व्यापार और तीस्ता जल बंटवारे जैसे मुद्दों पर अब नए सिरे से बातचीत होने की उम्मीद है।
