कानपुर/वाराणसी। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध डाइवर्जन और सीमा पार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए वाराणसी पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को वाराणसी पुलिस की एक विशेष टीम ने कानपुर के बिहाना रोड और संबंधित इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F(1) के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में से एक, विनोद अग्रवाल की करीब 5.25 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर दिया।
पुलिस टीम ने आरोपी के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया और संपत्तियों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
पीड़ी फार्मा और एम के फर्म: अवैध डाइवर्जन के मुख्य केंद्र
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कोडीन कफ सिरप की हजारों पेटियां पीड़ी फार्मा और एम के फर्म जैसी फर्जी और डाइवर्टेड कंपनियों के माध्यम से बाजार में खपाई जा रही थीं।
- फर्जीवाड़ा: ये कंपनियां कागजों पर तो दवाइयों का व्यापार दिखाती थीं, लेकिन असल में कोडीन युक्त सिरप को बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में तस्करी के लिए भेज रही थीं।
- नेटवर्क: वाराणसी पुलिस की एसआईटी (SIT) ने अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े दर्जनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कानपुर के कई बड़े थोक दवा विक्रेता और सप्लायर शामिल हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
वाराणसी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित एसआईटी इस पूरे गिरोह की वित्तीय कमर तोड़ने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, कोडीन एक नशीला पदार्थ है और इसका औषधीय उपयोग के बजाय नशे के लिए अवैध डाइवर्जन करना NDPS एक्ट के तहत गंभीर अपराध है।
पुलिस की चेतावनी: जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन भी संपत्तियों को अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदा गया है, उन्हें चिन्हित कर कुर्क किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ अन्य फर्मों और उनके संचालकों पर भी गाज गिर सकती है।
