कानपुर: शीतलहर और कोहरे का प्रकोप, वाहन चलाते समय रखें विशेष सावधानी – NewsKranti

कानपुर: शीतलहर और कोहरे का प्रकोप, वाहन चलाते समय रखें विशेष सावधानी

कानपुर जनपद में घने कोहरे और अत्यधिक ठंड के कारण जिलाधिकारी ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा टालें।

Saniya Soni
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Highlights
  • घना कोहरा वाहन दुर्घटनाओं और कम दृश्यता का कारण बन रहा है।
  • कोहरे के प्रदूषक फेफड़ों और आंखों को प्रभावित कर सकते हैं, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरा।
  • ठंड में फ्लू जैसी बीमारियां बढ़ने का जोखिम, कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।
  • गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें, सिर-गर्दन-हाथ-पैर ढकें।
  • हीटर या अंगीठी का उपयोग बंद कमरे में न करें, कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा।
  • अनावश्यक यात्रा टालें, बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
  • प्रशासन पूरी तरह सतर्क, आपात स्थिति में संपर्क करें।

कानपुर जनपद में इन दिनों घने कोहरे, शीत दिवस और अति शीत दिवस की कठिन मौसमी परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की हार्दिक अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मौसम में लापरवाही घातक साबित हो सकती है।

जिलाधिकारी ने बताया कि घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे वाहन चलाने में भारी कठिनाई होती है और सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हो सकता है। इसके अलावा हवाई अड्डों पर विमानों का संचालन भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाहन चालकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

स्वास्थ्य के लिहाज से भी कोहरा खतरनाक साबित हो रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि घने कोहरे में मौजूद सूक्ष्म कण और प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जमा होकर उनकी कार्यक्षमता को कम कर देते हैं। इससे घरघराहट, लगातार खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आंखों में जलन, लालिमा और सूजन की शिकायतें भी आम हो रही हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से श्वसन संबंधी रोगों से ग्रस्त व्यक्ति अधिक जोखिम में हैं। इन वर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

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नागरिकों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और यदि संभव हो तो अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचें। यदि यात्रा जरूरी हो तो हवाई सेवा, रेलवे या राज्य सड़क परिवहन निगम से संपर्क कर नवीनतम समय-सारणी की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अत्यावश्यक कार्य के घर से बाहर न निकलें और बाहर जाते समय चेहरे को मास्क या कपड़े से अच्छी तरह ढककर रखें ताकि ठंडी हवा और प्रदूषक सीधे प्रभाव न डालें।

शीत दिवस और अत्यधिक ठंड के दौरान फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जिलाधिकारी ने सलाह दी कि शरीर में कंपकंपी महसूस होने पर इसे हल्के में न लें, क्योंकि यह शरीर की अत्यधिक गर्मी खोने का शुरुआती संकेत होता है। ठंड बढ़ने से बिजली की खपत में भी वृद्धि हो रही है, जिससे विद्युत आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए नागरिकों से बिजली का समझदारी से उपयोग करने की अपील की गई है।

ठंड से बचाव के लिए व्यावहारिक सुझाव देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ढीले-ढाले और हल्के वजन वाले गर्म ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। बाहरी गतिविधियों को न्यूनतम रखें। सिर, गर्दन, हाथों और पैरों की उंगलियों को विशेष रूप से ढककर रखें, क्योंकि शरीर की अधिकांश गर्मी इन्हीं हिस्सों से बाहर निकलती है। हीटर या अन्य ताप उपकरणों का उपयोग करते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें ताकि जहरीला धुआं सांस के जरिए शरीर में न प्रवेश करे।

एक गंभीर चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अंगीठी या किसी भी प्रकार के ताप स्रोत को बंद कमरे में जलाना पूर्णतः वर्जित है। इससे दम घुटने और जानलेवा दुर्घटनाओं की संभावना रहती है।अंत में जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जनपद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ठंड एवं कोहरे से बचाव के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक बेझिझक प्रशासन या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

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