कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के निवासियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। शहर की लाइफलाइन बनने जा रही कानपुर मेट्रो ने अपने पहले कॉरिडोर (IIT से नौबस्ता) के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के बीच डाउनलाइन टनल में ट्रैक निर्माण का कार्य मंगलवार को पूर्ण कर लिया गया है।
कॉरिडोर-1 का काम अंतिम चरण में
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए बताया कि लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस अंडरग्राउंड हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम पूरा होना एक मील का पत्थर है। कॉरिडोर-1 का एलिवेटेड हिस्सा (बारादेवी से नौबस्ता) पहले ही अक्टूबर 2025 में तैयार हो चुका था। अब अंडरग्राउंड हिस्से की अपलाइन के बाद डाउनलाइन का काम भी खत्म होने से पूरा रूट ट्रायल के लिए तैयार है।
तकनीकी बारीकियां और निर्माण प्रक्रिया
अधिकारियों के मुताबिक, इस कठिन निर्माण प्रक्रिया के दौरान स्वदेशी कॉटन मिल के पास स्थित रैम्प से भारी मशीनरी को टनल के भीतर उतारा गया था। यहाँ रेल पटरियों की हाई-प्रिसिजन वेल्डिंग और ट्रैक स्लैब की ढलाई का कार्य दिन-रात किया गया। ट्रैक निर्माण के साथ-साथ टनल के भीतर ‘थर्ड रेल’ (बिजली आपूर्ति के लिए), अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, टेलीकॉम और अन्य इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का कार्य भी अब 90% से अधिक पूरा हो चुका है।
जल्द शुरू होगा टेस्ट रन
डाउनलाइन पर ट्रैक बिछने के बाद अब तकनीकी जांच का दौर शुरू होगा। यूपीएमआरसी के सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ ही दिनों में इस सेक्शन पर मेट्रो ट्रेन का ‘टेस्ट रन’ (प्रायोगिक परिचालन) शुरू कर दिया जाएगा। इस टेस्ट रन के दौरान ट्रैक की मजबूती, ट्रेन की गति और सिग्नलिंग समन्वय की बारीकी से जांच की जाएगी।
यातायात में आएगी क्रांतिकारी तब्दीली
वर्तमान में कानपुर मेट्रो IIT से कानपुर सेंट्रल (लगभग 16 किमी) तक सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। नौबस्ता तक विस्तार होने के बाद करीब 24 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से शहर के दक्षिणी हिस्सों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। नौबस्ता, बारादेवी और किदवई नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लोग सीधे रेलवे स्टेशन और आईआईटी तक बिना जाम के सफर कर सकेंगे।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ़्तार
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी। सुशील कुमार ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि कानपुर मेट्रो का लक्ष्य विश्वस्तरीय परिवहन सेवा प्रदान करना है और हम समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
