लखनऊ/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चतुर खिलाड़ी माने जाने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के सबसे मजबूत गढ़ आजमगढ़ में युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। आगामी 22 फरवरी को अतरौलिया के अहौला में होने वाली ‘सामाजिक समरसता महारैली’ को लेकर राजभर ने हुंकार भरी है कि अब आजमगढ़ से सपा की विदाई का समय आ गया है।
“सपा की गुंडागर्दी के खिलाफ एकजुट होगा समाज”
रैली की तैयारियों का जायजा लेते हुए राजभर ने लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आजमगढ़ में लंबे समय से एक विशेष दल (सपा) के नेताओं ने गुंडागर्दी के बल पर पिछड़ों, दलितों और ब्राह्मणों का उत्पीड़न किया है। नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और निषाद समाज को डराकर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया। अब यह सारा समाज एनडीए के झंडे तले एकजुट होकर इस गुंडागर्दी का अंत करेगा।”
राजभर का ‘ब्राह्मण कार्ड’: विपक्षी खेमे में हलचल
इस बार राजभर की रणनीति कुछ अलग नजर आ रही है। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में सिर्फ अति पिछड़े ही नहीं, बल्कि 10,000 से ज्यादा ब्राह्मण भी शामिल होंगे। राजभर के अनुसार, “समाज के सबसे बुद्धिमान वर्ग यानी ब्राह्मणों को हमने आमंत्रित किया है ताकि वे अपनी बुद्धि और हमारी ताकत मिलकर सपा के इस किले को जमींदोज कर सकें।” यह बयान आजमगढ़ के जातीय समीकरणों को बदलने वाला माना जा रहा है।
10 की 10 सीटों पर जीत का संकल्प
आजमगढ़ जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर वर्तमान में सपा का दबदबा है, लेकिन राजभर इसे चुनौती मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों ने जनता का मन बदल दिया है। अतरौलिया में हाल ही में सड़कों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का श्रेय राजभर ने स्वयं को और बीजेपी सरकार को दिया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “आप 22 तारीख की भीड़ देखिएगा, विपक्षियों को भागने की जगह नहीं मिलेगी। हम 10 की 10 सीटें जीतेंगे।”
मिशन 2027 का सेमीफाइनल?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैली केवल आजमगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजभर का मिशन 2027 (यूपी विधानसभा चुनाव) के लिए पूर्वांचल में शक्ति प्रदर्शन है। यदि राजभर अतरौलिया जैसे सपा के मजबूत केंद्र में भीड़ जुटाने में सफल रहे, तो यह सीधे तौर पर अखिलेश यादव के वोट बैंक में बड़ी गिरावट का संकेत होगा।
