कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में कल एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) कल से कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक के लगभग 8 किमी लंबे ‘अप-लाइन’ सेक्शन पर मेट्रो ट्रेनों का टेस्ट रन (Test Run) शुरू करने जा रहा है। इस ट्रायल की शुरुआत के साथ ही कानपुरवासियों का नौबस्ता तक मेट्रो में सफर करने का सपना हकीकत के बेहद करीब पहुंच गया है।
थर्ड रेल चार्ज: सिस्टम में करंट सप्लाई शुरू
टेस्ट रन से पहले की सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉरिडोर-1 के इस शेष सेक्शन में ट्रैक बिछाने और सिग्नलिंग उपकरणों के इंस्टॉलेशन का काम पहले ही पूरा हो चुका था। आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस सेक्शन की थर्ड रेल (Third Rail) को पहली बार चार्ज कर दिया गया। अब इस पूरे सिस्टम में बिजली की आपूर्ति निरंतर बनी रहेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए अनिवार्य है।
क्या होगा टेस्ट रन के दौरान?
कल होने वाले टेस्ट रन के दौरान मेट्रो ट्रेन कानपुर सेंट्रल से चलकर नौबस्ता स्टेशन तक पहुंचेगी। शुरुआत में इसे ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) मोड में कम गति पर चलाया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ट्रैक की मजबूती, बिजली आपूर्ति की निरंतरता, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की सटीकता की जांच करना है।
MD सुशील कुमार का बयान: निर्माण की चुनौतियों पर पाई जीत
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, “कानपुर मेट्रो ने निर्माण के दौरान कई भौगोलिक और तकनीकी चुनौतियों को पार किया है। टेस्ट रन की शुरुआत यह संकेत है कि हम अंतिम चरण में हैं। जल्द ही स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा और आईआईटी से नौबस्ता तक की निर्बाध सेवा शहरवासियों को समर्पित की जाएगी।”
कॉरिडोर-1 और 2 का स्टेटस
- कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता): कुल लंबाई 24 किमी। वर्तमान में 16 किमी (IIT से कानपुर सेंट्रल) तक मेट्रो चल रही है। बाकी 8 किमी पर कल से ट्रायल शुरू हो रहा है।
- कॉरिडोर-2 (CSA से बर्रा-8): लगभग 8.60 किमी लंबे इस रूट पर सिविल निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
