कानपुर। बच्चों में बढ़ते तनाव, परीक्षाओं के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर चुनौतियों को देखते हुए कानपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में मनोवैज्ञानिकों और काउंसलर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा शिक्षण संस्थानों में ‘सोशियो इमोशनल लर्निंग रूम’ की स्थापना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गाइडलाइन तैयार करना रहा।
तनाव मुक्त बचपन के लिए सुरक्षित वातावरण की जरूरत
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में बच्चे अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सोशियो इमोशनल लर्निंग रूम बच्चों को एक ऐसा सुरक्षित स्थान देंगे जहाँ वे अपनी भावनाओं को समझ सकेंगे और तनाव का प्रबंधन करना सीखेंगे।” जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि स्कूलों के साथ-साथ कोचिंग सेंटरों के नियमों की भी निगरानी की जाए।
विशेषज्ञों की राय: ‘रिजल्ट नहीं, कोशिशों की हो सराहना’
बैठक में CSJMU के असिस्टेंट प्रोफेसर और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सृजन श्रीवास्तव ने बढ़ते डिजिटल और अकादमिक दबाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की तुलना दूसरों से करना बंद करना होगा। वहीं, परामर्शदाता कविता ने सुझाव दिया कि इन लर्निंग रूम्स में ‘SWOT एनालिसिस’ जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों को इमोशन मैनेजमेंट सिखाया जाना चाहिए।
इमोशन बॉक्स: एक सफल प्रयोग
पीपीएन कॉलेज की आभा सिंह ने बैठक में एक सफल मॉडल साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज में ‘इमोशन बॉक्स’ की शुरुआत की गई है, जिसमें छात्र अपनी मन की बात लिखकर डाल सकते हैं। इससे उन छात्रों की पहचान करने में मदद मिलती है जो किसी मानसिक उथल-पुथल से गुजर रहे हैं।
बैठक के मुख्य निर्णय और सुझाव
टीचर-पेरेंट्स वर्कशॉप: बच्चों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग और कार्यशालाएं होंगी।
इमोशनल रूम की स्थापना: जिले के सभी प्रमुख शिक्षण संस्थानों में विशेष लर्निंग रूम बनाए जाएंगे।
प्रयास को महत्व: परिणाम के बजाय बच्चों के प्रयासों की सराहना करने पर जोर दिया गया।
संकेतों की पहचान: ऐसे बच्चों को चिह्नित करना जो सामान्य से अलग व्यवहार कर रहे हों, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
अकेलेपन से बचाव: किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन कौशल और संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी।
