*कानपुर नगर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर आज कानपुर के ‘कृषि भवन’ परिसर (गुमटी नं. 9) में उल्लासपूर्ण माहौल में *’किसान सम्मान दिवस’* मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कृषि मेले और प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर *श्रीमती प्रमिला पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में जनपद के उन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर कृषि क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
पुरस्कारों की वर्षा: 76 किसानों को मिला सम्मान
समारोह में कृषि, उद्यान, पशुपालन, गन्ना, रेशम और मत्स्य पालन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 76 किसानों को पुरस्कृत किया गया:
- जनपद स्तर: 36 किसानों को चुना गया। प्रथम पुरस्कार के रूप में 18 किसानों को 7,000 रुपये और द्वितीय पुरस्कार के रूप में 18 किसानों को 5,000 रुपये दिए गए।
- विकास खण्ड स्तर: 40 किसानों को 2,000 रुपये प्रति किसान की दर से पुरस्कृत किया गया।
- सम्मान विधि: सभी विजेताओं को शाल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।
उत्पादन में इन्होंने रचा इतिहास
मेले में उन किसानों के आंकड़ों ने सबका ध्यान खींचा जिन्होंने पैदावार में बड़े लक्ष्य हासिल किए:
- अजय सिंह (सरसौल): इन्होंने 74.60 कुंतल प्रति हेक्टेयर गेहूं उत्पादन कर जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- मनोज कुमार (पतारा): इन्होंने सामान्य धान की फसल में 73.00 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन के साथ प्रथम पुरस्कार जीता।
आधुनिक खेती और मिलेट्स पर जोर
महापौर प्रमिला पाण्डेय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बदलते समय में मिलेट्स (मक्का, बाजरा, ज्वार) की बढ़ती मांग और स्वास्थ्य लाभ पर विशेष प्रकाश डाला।
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने किसानों को FPO (किसान उत्पादक संगठन) से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मक्का विकास हेतु वैज्ञानिकों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे किसान सीधे बाजार से जुड़कर अधिक मुनाफा कमा सकें।
प्रदर्शनी में दिखी आधुनिक कृषि की झलक
कृषि भवन परिसर में लगे स्टालों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदर्शनी में निम्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए:
- सरकारी क्षेत्र: मृदा परीक्षण, रेशम, मत्स्य, और गन्ना विभाग।
- निजी क्षेत्र: नवीनतम बीज, कृषि रक्षा रसायन और खाद्य प्रसंस्करण मशीनरी।
- वैज्ञानिक परामर्श: CSA यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों (डॉ. संजीव सचान, डॉ. अखिलेश मिश्रा आदि) ने किसानों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया।
डेटा शीट: पुरस्कार वितरण एक नजर में
| स्तर | कुल किसान | पुरस्कार राशि (प्रति किसान) | मुख्य विभाग |
|---|---|---|---|
| जनपद प्रथम | 18 | ₹7,000 | कृषि, उद्यान, गन्ना, मत्स्य |
| जनपद द्वितीय | 18 | ₹5,000 | कृषि, उद्यान, मत्स्य, गन्ना |
| विकास खण्ड | 40 | ₹2,000 | पशुपालन, रेशम, दुग्ध विकास आदि |
