नई दिल्ली |
सनातन धर्म में माघ मास की गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस अवसर पर ‘द्विपुष्कर योग’ का निर्माण हो रहा है, जो साधकों के लिए वरदान के समान माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में किए गए शुभ कार्यों और मंत्र साधना का फल दोगुना प्राप्त होता है।
द्वितीया तिथि और नक्षत्र गणना
पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 20 जनवरी को शुरू होकर 21 जनवरी की सुबह 2:42 बजे तक रहेगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र दोपहर 1:06 बजे तक रहेगा, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। सिद्धि योग शाम 8:01 बजे तक रहेगा, जो किसी भी कार्य में सफलता दिलाने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
द्विपुष्कर योग का समय
आज दोपहर 1:06 बजे से लेकर अगले दिन (21 जनवरी) की सुबह 2:42 बजे तक ‘द्विपुष्कर योग’ रहेगा। इस कालखंड में नई खरीदारी, निवेश या धार्मिक अनुष्ठान करना अत्यंत लाभकारी होता है।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings):
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:27 से 06:21 तक।
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:53 तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:18 से 03:00 तक।
- अमृत काल: सुबह 07:14 से 08:33 तक।
सावधानी: राहुकाल और अशुभ समय
किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले राहुकाल का विचार अवश्य करें। आज राहुकाल दोपहर 03:11 बजे से शाम 04:31 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी गई है। इसके अलावा यमगंड सुबह 09:53 से 11:13 तक रहेगा।
