कानपुर देहात: ‘मनरेगा संग्राम बचाओ अभियान’ के तहत कांग्रेस की चौपाल, नए कानून को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक – NewsKranti

कानपुर देहात: ‘मनरेगा संग्राम बचाओ अभियान’ के तहत कांग्रेस की चौपाल, नए कानून को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक

रोहिणी गांव में आयोजित चौपाल में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा के स्वरूप में बदलाव और 'गारंटी' शब्द हटाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की। मजदूरों के हक और ग्राम विकास के मुद्दों पर ग्रामीणों को एकजुट होने का आह्वान किया गया।

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ख़बर एक नज़र में :
  • *अभियान:* मनरेगा संग्राम बचाओ अभियान।
  • *स्थान:* रोहिणी गांव, राजपुर ब्लॉक, कानपुर देहात।
  • *मुख्य वक्ता:* जिला मनरेगा कोऑर्डिनेटर दिलीप कुमार सिंह 'मुन्ना'।
  • *प्रमुख मांग:* मजदूरी ₹400 प्रतिदिन करने और कार्य दिवस 150 दिन करने की मांग।

कानपुर देहात (रिपोर्टर: प्रशांत श्रीवास्तव): उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ‘मनरेगा संग्राम बचाओ अभियान’ को धार दी जा रही है। इसी क्रम में सोमवार, 19 जनवरी को राजपुर ब्लॉक के रोहिणी गांव में एक विशाल चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने ग्रामीण विकास और मजदूरों के अधिकारों के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।

यूपीए बनाम वर्तमान कानून: अधिकारों की कटौती का आरोप

चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला मनरेगा कोऑर्डिनेटर दिलीप कुमार सिंह ‘मुन्ना’ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान मनरेगा के तहत ग्राम सभाओं को विकास कार्य की योजना बनाने का पूर्ण अधिकार था और मजदूरों को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा लाए गए नए नियमों के तहत अब गांवों का चयन सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे सभी ग्राम पंचायतों में विकास निधि पहुँचने की कोई गारंटी नहीं रह गई है। उन्होंने आगे कहा कि पहले केंद्र सरकार 100% पैसा देती थी, लेकिन अब राज्य सरकार पर 40% का बोझ डाल दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें ग्रामीण विकास में रुचि नहीं लेंगी।

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‘गारंटी’ और ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाने पर नाराजगी

कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि नई व्यवस्था में ‘गारंटी’ शब्द को हटा दिया गया है। साथ ही, महात्मा गांधी के नाम को ग्रामीण विकास के उद्देश्यों से अलग करने की कोशिश की जा रही है। जिला सेवा दल अध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला ‘बीरे’ ने कहा कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांवों को एक-दूसरे से जोड़ने और खुशहाली लाने का एक माध्यम थी, जिसे कमजोर किया जा रहा है।

प्रमुख मांगें और उपस्थिति

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि:

  1. मजदूरों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर ₹400 की जाए।
  2. काम की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन प्रति वर्ष की जाए।

चौपाल का संचालन जिला कांग्रेस महासचिव अरविंद पाल ने किया और अध्यक्षता सत्य प्रकाश शुक्ला ने की। इस अवसर पर एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष विवेक कुमार पांडे, देवी रमन मिश्रा, ठाकुर प्रसाद कश्यप, राकेश कटियार, कन्हैयालाल दिवाकर और रिंकू दुबे सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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