कानपुर। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर 22 जनवरी को एक ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रथम कानपुर आगमन को लेकर संगठन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह आयोजन केवल एक स्वागत समारोह न होकर, आगामी चुनावों से पहले भाजपा का एक बड़ा ‘शक्ति प्रदर्शन’ माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए ‘जल, थल और वायु’ तीनों स्तरों पर एक ऐसी रणनीति तैयार की है, जो शहर के राजनीतिक इतिहास में मिसाल बनेगी।
20 किलोमीटर लंबा रोड शो: जाजमऊ से यूनिवर्सिटी तक
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के रोड शो का खाका बेहद भव्य रखा गया है। यह यात्रा कानपुर के प्रवेश द्वार जाजमऊ से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों को कवर करेगी।
- प्रमुख रूट: जाजमऊ ➔ लाल बंगला ➔ कैंट ➔ पंडित होटल ➔ नरोना चौराहा ➔ परेड ➔ चुन्नीगंज ➔ बजरिया ➔ रामबाग ➔ रावतपुर ➔ गीता नगर क्रॉसिंग ➔ गुरुदेव पैलेस ➔ सीएसजेएम यूनिवर्सिटी।
इस पूरे मार्ग को महापुरुषों की भव्य तस्वीरों, कट-आउट्स और केसरिया झंडों से सजाया जा रहा है। प्रशासन और संगठन के बीच समन्वय बिठाकर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
14 मुख्य केंद्र और 50 स्वागत द्वार
संगठन ने शहर के 14 प्रमुख स्थानों को ‘महा-स्वागत केंद्र’ के रूप में चिन्हित किया है, जहाँ प्रदेश अध्यक्ष का भव्य माल्यार्पण किया जाएगा। इसके अलावा, पूरे रूट पर 50 से अधिक स्थानों पर व्यापारी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और भाजपा के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा पुष्पवर्षा और स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तैयारियों को लेकर मैराथन बैठक
रोड शो की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के सभागार में भाजपा के प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और सांसद रमेश अवस्थी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
अनूप गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह स्वागत ऐतिहासिक होना चाहिए। हर बूथ का कार्यकर्ता इस उत्सव का हिस्सा बने और कानपुर की धरती पर प्रदेश अध्यक्ष का ऐसा अभिनंदन हो जैसा पहले कभी न हुआ हो।”
जल, थल और वायु: अनोखी रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत के लिए विशेष योजना बनाई है। जहाँ सड़कों पर हजारों बाइकों का काफिला (थल) चलेगा, वहीं कुछ स्थानों पर गंगा के तट के पास जल-शक्ति का प्रदर्शन और पुष्पवर्षा के लिए आधुनिक तकनीकों (वायु) का सांकेतिक उपयोग करने की भी चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर संगठन ने इसे ‘अतुलनीय जनसंपर्क’ का नाम दिया है।
महापुरुषों के सम्मान पर जोर
इस रोड शो की एक खास बात यह है कि पूरे मार्ग में महापुरुषों की प्रतिमाओं को न केवल साफ-सफाई कर सजाया गया है, बल्कि उन स्थलों पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना है। भाजपा इस रोड शो के जरिए अपनी ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की विचारधारा को भी जनता के बीच मजबूती से रखने की कोशिश करेगी।
