Kanpur News: कानपुर दक्षिण में गहराया जल संकट, 8 फरवरी तक

कानपुर दक्षिण की प्यास पर ‘शटडाउन’ का पहरा: 8 फरवरी तक रहेगा पानी का संकट, लीकेज सुधारने में जुटा जलकल विभाग

कानपुर दक्षिण के इलाकों में पाइपलाइन लीकेज ठीक करने के लिए शटडाउन लिया गया है। 8 फरवरी तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी, हालांकि ट्यूबवेल के जरिए राहत देने की कोशिश की जाएगी।

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ख़बर एक नज़र में :
  • समस्या: गंगा बैराज से दक्षिण की ओर आने वाली मुख्य पाइपलाइन में भारी लीकेज।
  • समय सीमा: मरम्मत का कार्य 8 फरवरी 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य।
  • प्रभावित इलाके: साकेत नगर, किदवई नगर, जूही, गोविंद नगर, और बर्रा के कई ब्लॉक।
  • वैकल्पिक व्यवस्था: क्षेत्रीय ट्यूबवेल और टैंकरों के माध्यम से होगी पानी की आपूर्ति।
  • अपील: जलकल विभाग ने नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है।

कानपुर: कानपुर दक्षिण की बड़ी आबादी को अगले कुछ दिनों तक पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। गंगा बैराज से दक्षिण कानपुर को जोड़ने वाली मुख्य फीडर पाइपलाइन में आए बड़े लीकेज को ठीक करने का काम शुरू हो गया है। जलकल विभाग के अनुसार, यह मरम्मत कार्य 8 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है, जिसके कारण पाइपलाइन से होने वाली नियमित सप्लाई बाधित रहेगी।

क्यों ठप हुई सप्लाई?

पिछले कुछ दिनों से गंगा बैराज लाइन में कई जगहों पर लीकेज की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा था। साथ ही, पाइपलाइन का प्रेशर कम होने से ऊंचे इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। विभाग ने अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा शटडाउन लेने का फैसला किया है। इंजीनियरिंग टीम अत्याधुनिक मशीनों के जरिए पाइपलाइन की वेल्डिंग और जॉइंट्स को दुरुस्त करने में जुटी है।

इन इलाकों में मचेगा हाहाकार

इस शटडाउन का सीधा असर कानपुर दक्षिण के प्रमुख रिहायशी इलाकों पर पड़ेगा। साकेत नगर, निराला नगर, जूही, किदवई नगर, यशोदा नगर, गोविंद नगर, बर्रा (विभिन्न ब्लॉक) और गुजैनी जैसे क्षेत्रों में नलों से पानी का दबाव बेहद कम रहेगा या सप्लाई पूरी तरह बंद रह सकती है। इन इलाकों में करीब 5 से 7 लाख की आबादी इस संकट की जद में है।

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जलकल विभाग का ‘बैकअप’ प्लान

लोगों को राहत देने के लिए जलकल विभाग ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं:

  1. ट्यूबवेल संचालन: क्षेत्रीय नलकूपों (Tubewells) को अब ज्यादा समय तक चलाया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर पानी की कमी पूरी हो सके।
  2. टैंकर सेवा: जिन मोहल्लों में स्थिति ज्यादा खराब होगी, वहां नगर निगम और जलकल विभाग के टैंकर तैनात किए जाएंगे।
  3. कंट्रोल रूम: पानी की किल्लत की शिकायत के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

8 फरवरी के बाद ही मिलेगी राहत

अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का काम काफी जटिल है क्योंकि पाइपलाइन जमीन की गहराई में है। 8 फरवरी की शाम तक काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे प्रेशर बनाकर सप्लाई बहाल की जाएगी। तब तक विभाग ने जनता से सहयोग की अपील की है और कहा है कि उपलब्ध पानी का उपयोग केवल जरूरी कामों के लिए ही करें।

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