श्रीनगर/देहरादून |
उत्तराखंड में एक कश्मीरी वेंडर (फेरीवाले) के साथ हुई मारपीट की घटना ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जम्मू-कश्मीर के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधा संवाद किया है। अब्दुल्ला ने दो टूक शब्दों में कहा है कि देश के किसी भी हिस्से में कश्मीरियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
खबरों के मुताबिक, उत्तराखंड के एक स्थानीय इलाके में रोजी-रोटी कमाने गए एक कश्मीरी युवक (वेंडर) के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि उसे उसकी पहचान और मूल स्थान के आधार पर निशाना बनाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कश्मीरी युवाओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश देखा गया।
उमर अब्दुल्ला का सख्त रुख
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और घटना की विस्तृत जानकारी ली। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने सीएम धामी से पीड़ित को न्याय दिलाने और भविष्य में कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे लोग देश के हर कोने में सुरक्षित महसूस करें। चाहे वह छात्र हों, व्यापारी हों या वेंडर, उनकी सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।”
उत्तराखंड सरकार की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उमर अब्दुल्ला को आश्वासन दिया है कि देवभूमि में कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि यह आपसी विवाद है या सोची-समझी साजिश, इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
घाटी में आक्रोश और सुरक्षा की मांग
इस हमले के बाद कश्मीर घाटी के विभिन्न राजनीतिक दलों ने कड़ी निंदा की है। नेताओं का कहना है कि कश्मीरियों को “सॉफ्ट टारगेट” बनाया जा रहा है, जो देश की एकता के लिए खतरा है। स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि केंद्र सरकार को राज्यों के लिए एक एडवायजरी जारी करनी चाहिए ताकि बाहरी राज्यों में रह रहे कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
