कानपुर: शिक्षा के मंदिर में 'मार्शल आर्ट'? महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों पर गुंडई का आरोप, सड़क पर उतरे छात्र - NewsKranti

कानपुर: शिक्षा के मंदिर में ‘मार्शल आर्ट’? महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों पर गुंडई का आरोप, सड़क पर उतरे छात्र

बिठूर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों द्वारा छात्रों की पिटाई और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी।

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ख़बर एक नज़र में :
  • स्थान: महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज, बिठूर, कानपुर।
  • आरोप: शिक्षकों द्वारा मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और छात्राओं से बदसलूकी।
  • धमकी: विरोध करने पर इंटरनल मार्क्स काटने और करियर बर्बाद करने की धमकी।
  • प्रतिक्रिया: छात्रों का भारी हंगामा, पुलिस जांच शुरू।
  • प्रबंधन का पक्ष: कॉलेज प्रबंधन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कानपुर (बिठूर)। औद्योगिक नगरी कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज (MPGI) में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों का आरोप है कि जिन कंधों पर शिक्षा देने की जिम्मेदारी है, वही हाथ अब छात्रों पर थप्पड़ और घूंसे बरसा रहे हैं। शिक्षकों के कथित ‘तानाशाही’ रवैये और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार ने कॉलेज कैंपस को अखाड़ा बना दिया है।

देरी से आने पर सजा… या तालिबानी फरमान?

हंगामे की शुरुआत कॉलेज के गेट पर हुई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षक मामूली बातों पर हिंसक हो जाते हैं। छात्रों ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को जब कुछ छात्र चंद मिनट की देरी से कॉलेज पहुंचे, तो शिक्षकों ने उन्हें समझाने के बजाय उनके साथ सरेराह मारपीट की।

एक पीड़ित छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सर (शिक्षक) ने हमें गेट पर ही रोक लिया और सबके सामने कॉलर पकड़कर थप्पड़ जड़ दिए। जब हमने विरोध किया, तो उन्होंने धमकी दी कि हमारा करियर बर्बाद कर देंगे और इंटरनल मार्क्स में जीरो दे देंगे।”

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छात्राओं ने लगाया सुरक्षा पर सवाल: “शिक्षक करते हैं अभद्र व्यवहार”

इस विरोध प्रदर्शन में छात्राओं की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षक उनके साथ अनुचित भाषा का प्रयोग करते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। छात्राओं ने रोते हुए बताया कि वे कॉलेज परिसर में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। शिकायतों के बावजूद कॉलेज प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई न करना, प्रशासन की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

कैंपस से सड़क तक पहुंचा आक्रोश

छात्रों का गुस्सा केवल कॉलेज परिसर तक सीमित नहीं रहा। कॉलेज प्रशासन की चुप्पी से नाराज छात्र सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार मैनेजमेंट से इन ‘गुंडा’ शिक्षकों की शिकायत की थी, लेकिन हर बार उनकी आवाज को दबा दिया गया। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त नहीं किया जाता, वे अपनी कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे।

पुलिस की एंट्री और जांच का आश्वासन

हंगामे की सूचना मिलते ही बिठूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कॉलेज प्रशासन से बातचीत की। बिठूर पुलिस के अनुसार, छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यदि मारपीट और अभद्रता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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